कम गुणवत्ता वाली फुटेज के कारण संदिग्धों की पहचान करना हो रहा मुश्किल
संवाद न्यूज ऐजेंसी
फरीदाबाद। शहर के कई मेट्रो स्टेशनों पर लगे पुराने सीसीटीवी कैमरों की खराब गुणवत्ता यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस जांच के दौरान कई बार कैमरों की फुटेज स्पष्ट नहीं मिल पाती, जिससे संदिग्धों की पहचान करना चुनौती बन जाता है।
जांच अधिकारियों के अनुसार मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे कई कैमरों की रिकॉर्डिंग इतनी साफ नहीं होती कि चेहरे या अन्य पहचान से जुड़ी जानकारी मिल सके। हाल ही में दो किशोरियों के मेट्रो से दिल्ली जाने के मामले में पुलिस ने वाईएमसीए और बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली लेकिन खराब गुणवत्ता के कारण उन्हें पहचान करने में परेशानी हुई।
पुलिस ने बताया कि कई कैमरों में चेहरे और कपड़ों के रंग तक स्पष्ट नजर नहीं आ रहे थे, जिससे जांच आगे बढ़ाने में दिक्कत आई। पूर्व पुलिस अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए आधुनिक एआई आधारित और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने की जरूरत बताई है।
वहीं, मेट्रो प्रशासन के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। कैमरों का समय-समय पर रखरखाव और तकनीकी जांच कराई जाती है। जरूरत के अनुसार पुराने कैमरों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक कैमरों से बदला जाएगा।