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Faridabad News: नक्शा पास करने में देरी पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

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नगर निगम कार्यालय की फाइल फोटो ।
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तय समय में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। नगर निगम अब मकान के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया में देरी और लापरवाही पर सख्ती करने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत जेई से लेकर सर्वे करने वाले कर्मचारियों और इंजीनियरों तक सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। तय समय में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा।

नगर निगम ने नक्शा पास कराने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली कंपनी प्रेजेंटेशन दे चुकी है और शहरी स्थानीय निकाय विभाग से भी मंजूरी मिल गई है। निगम का दावा है कि जल्द ही यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी जिससे लोगों को महीनों तक निगम मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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दरअसल अभी तक नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल होने के कारण फाइलें अलग-अलग अधिकारियों के पास घूमती रहती हैं। संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी में सीनियर टाउन प्लानर, सीनियर आर्किटेक्ट और कार्यकारी अभियंता शामिल होते हैं। फाइल इन सभी के पास क्रमवार जाती है लेकिन वर्कलोड अधिक होने के कारण कई बार फाइलें टेबल पर ही लंबित रह जाती हैं।

नक्शा पास होने में एक से डेढ़ माह का समय लग जाता है
स्थिति यह है कि एक नक्शा पास होने में औसतन एक से डेढ़ माह का समय लग जाता है जबकि किसी भी स्तर पर तय समय सीमा या निगरानी व्यवस्था नहीं है। कई मामलों में फाइलों से दस्तावेज गुम होने की शिकायतें भी सामने आई हैं जिससे आवेदकों को दोबारा प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद फाइल सरल पोर्टल पर अपलोड होते ही डिजिटल रूप से सभी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी। हर स्तर पर काम पूरा करने के लिए समय सीमा तय होगी और पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीधे नगर निगम आयुक्त करेंगे। यदि कोई फाइल निर्धारित समय से अधिक किसी अधिकारी के पास लंबित पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

माह औसतन 22 नए आवेदन प्राप्त होते हैं
निगम के आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में 150 से अधिक नक्शे पास होने के लिए आए हैं जबकि हर माह औसतन 22 नए आवेदन प्राप्त होते हैं। नगर निगम क्षेत्र के 20 से अधिक सेक्टरों और कॉलोनियों में निर्माण से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई के साथ कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया जाता।
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लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए निगम हर स्तर पर काम कर रहा है। नक्शा पास करवाने वाले लोगों की समस्या का निस्तारण करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। - सलोनी शर्मा, अतिरिक्त निगम आयुक्त
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