दिनभर भूखे-प्यासे रहकर निभानी पड़ती हैं कई जिम्मेदारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। करवा चौथ का त्योहार महिलाओं के लिए आस्था और प्रेम का प्रतीक है, लेकिन नौकरीपेशा महिलाओं के लिए इस दिन व्रत रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। सुबह सरगी से शुरू होने वाला दिन दफ्तर की जिम्मेदारियों, घर के कामकाज और परिवार की देखभाल के बीच गुजरता है।
ऐसे में दिनभर भूखे-प्यासे रहकर काम करना महिलाओं के लिए मुश्किल हो जाता है। खासकर उन महिलाओं को अधिक परेशानी होती है, जिन्हें सुबह घर का काम निपटाकर समय पर कार्यालय पहुंचना होता है। नौकरीपेशा महिलाओं को व्रत के दौरान भी अपने काम की समयसीमा और जिम्मेदारियों का ध्यान रखना पड़ता है। कई महिलाएं कार्यालय में काम करने के बाद घर लौटकर पूजा की तैयारी, पकवान बनाने और परिवार की अन्य जिम्मेदारियों में जुट जाती हैं। त्योहार की खुशी के बीच शारीरिक थकान और दिनभर बिना पानी के रहने की चुनौती भी बनी रहती है।
दफ्तर और घर के बीच तालमेल जरूरी
महिलाओं का कहना है कि करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर घर के काम पूरे करने पड़ते हैं। इसके बाद कार्यालय जाकर दिनभर काम करना और शाम को लौटकर पूजा की तैयारी करना आसान नहीं होता। कार्यालय में काम के दौरान भूख-प्यास लगने पर भी दिनचर्या जारी रखनी पड़ती है। व्रत के साथ नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पहले से तैयारी करनी पड़ती है।
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घर लौटने के बाद भी आराम का ज्यादा समय नहीं मिल पाता, क्योंकि पूजा और अन्य तैयारियां करनी होती हैं। - सिमरन, सिलाई सेंटर, रोशन नगर
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परिवार का सहयोग मिले तो त्योहार की व्यस्तता और थकान के बीच भी व्रत रखना कुछ आसान हो जाता है। - सीमा यादव, शिक्षक, ग्रीनफील्ड कॉलोनी