संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की ओर से पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार न लेने के कारण उनमें खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 40 महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त पहुंच रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित और पोषणयुक्त भोजन मां और शिशु दोनों के स्वस्थ विकास के लिए बेहद जरूरी है। पोषण की कमी से प्रसव के दौरान जटिलताओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
बीके अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुणा ने बताया कि बदलते मौसम में संक्रमण और अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे समय में गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, दूध, फल, अंडा और आयरन और फोलिक एसिड की दवाओं का नियमित सेवन आवश्यक है।