संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू/नूंह।नूंह पुलिस को साइबर ठगों पर शिकंजा कसने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते साल लॉन्च प्रतिबिंब एप साइबर ठगों को दबोचने में कारगर साबित हुआ है। डीजीपी और नूंह पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश पर नूंह में साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के लिए एक दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस दौरान नूंह पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 42 साइबर ठगों को धर दबोचा। सभी के विरुद्ध नूंह साइबर थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं। सभी ठग फर्जी दस्तावेज के आधार पर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल,फर्जी बैंक खाते आदि तरीके अपनाकर लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी करते थे। इनके कब्जे से 50 मोबाइल और 90 सिम सहित दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये गिरोह तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली, एनसीआर के अलावा यूपी, दिल्ली आदि राज्यों में ठगी को अंजाम देते थे।
नूंह पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के मुताबिक देश के अलग - अलग कोनों में साइबर अपराध को अंजाम देने वाले कुछ ठगों की पहचान प्रतिबिंब एप के माध्यम से हुई थी। डीजीपी शत्रुजीत कपूर और नूंह पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया के दिशा निर्देश पर साइबर ठगों को दबोचने के लिए जिले में शनिवार - रविवार को विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें जिले की सीआईए और साइबर थाना पुलिस की अलग - अलग गठित टीमों ने सक्रिय साइबर ठगों के ठिकानों पर छापेमारी कर दबोच लिया। जिनकी पहचान दीन मोहम्मद पुत्र इलियास निवासी बैंसी सदर थाना नूंह, राज़ुद्दीन पुत्र चाव खान निवासी हामिद कॉलोनी वार्ड नंबर 1 नूंह शहर,आसिफ पुत्र नियाज मोहम्मद निवासी पचगांव सदर थाना तावडू,आरिफ पुत्र आस मोहम्मद निवासी असाइसीका थाना नगीना, सरफराज पुत्र जहीर बसई थाना रोजका मेव,साकिब हुसैन उर्फ बाबा पुत्र मुजीब निवासी ढाड़ौली खुर्द थाना फिरोजपुर झिरका,इजारन पुत्र शेर मोहम्मद निवासी जेहटना थाना पिनगवां और मुनाजिर पुत्र अयूब खान निवासी खोरी खुर्द थाना टपूकड़ा जिला अलवर के अलावा अन्य आरोपी शामिल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी फर्जी सिम का प्रयोग कर लोगों को धोखाधड़ी देकर सस्ती गाड़ियां बेचने के नाम पर ठगी, नटराज पेंसिल पैकिंग के नाम पर एडवांस रकम लेकर लोगों से धोखाधड़ी, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों से धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज का प्रयोग कर फर्जी सिम और फर्जी आईडी के माध्यम से अपनी पहचान छुपा कर साइबर ठगी करने के साथ साथ सोशल मीडिया प्रोफाइल पर सस्ते दामों का वाहन विज्ञापन देकर भी लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पहले प्रतिबिंब एप के माध्यम से जब ठगों की पहचान हुई तो पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया के निर्देश पर इनके ठिकानों को चिन्हित किया गया। जिसके बाद एक विशेष अभियान चलाकर इन पर शिकंजा कसा है। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक अपराधियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी रहेगा। साइबर ठगों को पकड़ने के लिए प्रतिबिंब एप कारगर हथियार है। एप पोर्टल से जानकारी मिलने के बाद ही जिले में साइबर ठगों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस एप के माध्यम से पुलिस अपराधी की लोकेशन आसानी से पता लगा लेती है। जब किसी के साथ ठगी होती है तो उसकी शिकायत भी की जाती है। जिस नंबर से ठग फोन करता है। उसी ऐप की मदद से लोकेट कर साइबर ठगों को काबू किया जाता है। उन्होंने बताया कि साइबर थाना की घटना में शामिल आरोपी का मोबाइल नंबर जब मिलता है तो उस नंबर को प्रतिबिंब एप में फीड किया जाता है। जिसके बाद पुलिस को साइबर अपराधी को ट्रैक कर लोकेशन के बारे में जानकारी आसानी से मिलती है, फिर संबंधित थाना पुलिस लोकेशन के आधार पर छापेमारी कर ठगों को गिरफ्तार कर लेती है। साइबर एसएचओ विमल कुमार के मुताबिक देर शाम तक यह ऑपरेशन चलाया गया। आरोपियों की संख्या 50 तक भी पहुंच सकती है। दूसरे राज्यों की पुलिस को भी इन साइबर ठगों के पकड़े जाने की जानकारी दे दी गई है। नूंह जिला साइबर क्राइम का हॉटस्पॉट जिला बनता जा रहा है, लेकिन प्रतिबिंब एप अब इन साइबरों ठगों को दबोचने में सफल साबित हो रहा है।
फोटो:- पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए साइबर ठग।