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Faridabad News: अब कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे अनंगपुर के लोग

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पंचायत में वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ बनाई गई रणनीति, दूसरे गांव के लोगों ने भी लिया भाग
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अनंगपुर में प्रशासन की तरफ से की जा रही तोड़फोड़ को लेकर महापंचायत के बाद अब कानूनी लड़ाई के लिए भी तैयारी की जा रही है। गांव की चौपाल पर अनंगपुर बचाओ संघर्ष समिति की तरफ से रविवार को पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें पट्टीकल्याणा समालखा से वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण गोपाल छोंकर और पड़ोसी गांव डेरा फतेहपुर से दर्शन तंवर ने गांव के लोगों को कानूनी पक्ष रखने को लेकर सलाह दी।

इस अवसर पर अनंगपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अतर सिंह, अजय पाल सरपंच, जयहिंद नंबरदार, ऋषि भड़ाना, प्रेमकृष्ण आर्य ,चवन भड़ाना व जयभगवान एडवोकेट ने जमीनी स्तर के साथ राजनीतिक व कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए रणनीति बनाई। संघर्ष समिति की तरफ से बताया गया है कि राजनीतिक समर्थन के लिए कांग्रेस व सपा का डेलिगेशन जल्द ही गांव में आएगा।
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आपको बताते चलें कि कोर्ट के आदेश के बाद अवैध निर्माणों को तोड़ा जा रहा है इसी क्रम में 250 से अधिक फार्म हाउस को तोड़ा जा चुका है। प्रशासन की तरफ से इसी कड़ी में अनंगपुर गांव के घरों को तोड़ने की भी बात सामने आ रही थी इसके बाद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।

लोगों का कहना है कि यह गांव आजादी से भी पहले का बसा हुआ है । फॉरेस्ट कानून आने से पहले यह गांव बस गया था। इसके साथ ही गांव में लाल डोरा की सीमा अंग्रेजों के समय से तय है । आजादी के बाद उसे दोबारा से तय नहीं किया गया है जबकि अन्य सभी स्थानों में लाल डोरा की सीमा दोबारा तय की गई है। विरोध में गांव के लोगों ने धरना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पिछले माह महापंचायत का भी आयोजन किया था।



सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा पक्ष

इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सीएम से भी मुलाकात की थी। इसके बाद सीएम की तरफ से कोर्ट में गांव का पक्ष रखने की जानकारी दी गई थी। सरकार की कमेटी अनंगपुर के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेगी । इस मामले की सुनवाई 7 अगस्त को होगी। सुनवाई में यह स्पष्ट हो पाएगा कि तोड़फोड़ पर कोर्ट की तरफ से रोक लगेगी या नहीं।
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महापंचायत ने दिया था एक माह का समय, अब दिल्ली जा सकते हैं लोग

13 जुलाई को सूरजकुंड के पास आयोजित महापंचायत में सरकार को एक माह का समय दिया गया था। महापंचायत में भाग लेने वाले समाज के लोगों ने एक माह के अंदर इस मुद्दे को कानून बनाकर सुलझाने व गांव के घरों को न तोड़कर अन्य जमीन को वन विभाग के इस्तेमाल में लेने की बात कही थी। 10 दिन बाद एक माह पूरा हो जाएगा इसके बाद गांव के लोग दिल्ली की तरफ कूच कर सकते हैं वहीं समाज के कुछ लोग इस मामले को लेकर गृह मंत्री से मुलाकात करने की बात कह रहे हैं।
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