सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़े वाहनों की संख्या की दोगुनी, बेडे में ई-रिक्शा भी किए शामिल
46 वार्डों में ई-रिक्शों की तैनाती की जाएगी, अंदरूनी गलियों से भी अब डंपिंग साइट तक पहुंचाया जाएगा कूड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में सफाई व्यवस्था की लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने छोटे और बड़े दोनों स्तर पर कचरा उठान तंत्र को मजबूत करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके तहत अंदरूनी गलियों से भी कूड़ा झटपट डंपिंग साइट तक पहुंचाने के लिए वाहनों की संख्या में इजाफा किया। गलियों से कूड़ा उठान के लिए 100 बैटरी चालित ई-रिक्शा उतारे जाएंगे, जिन्हें 46 वार्डों में तैनात किया जाएगा। कूड़े को डंपिंग साइट तक पहुंचाने के लिए बड़े वाहनों की संख्या 46 से 90 कर दी गई है। वाहन जीपीएस से लैस होंगे, जिसके जरिये इन पर नजर रखना आसान होगा।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में अभी तक कई इलाकों में वाहन नहीं पहुंचने की वजह से नियमित कूड़ा उठान प्रभावित होता है। इससे निपटने के लिए नगर निगम ने यह तैयारी की है। इन ई-रिक्शों का उपयोग गलियों, बाजारों, पार्कों, सड़क किनारे पड़े कचरे और छोटे डंपिंग प्वाइंटों से कूड़ा उठाने के लिए किया जाएगा। करीब 20 लाख की आबादी वाले फरीदाबाद शहर से प्रतिदिन 800 से 900 टन तक ठोस कचरा निकलता है। बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी आबादी, अनधिकृत कॉलोनियों का विस्तार और संकरी बस्तियों के कारण सफाई व्यवस्था लगातार चुनौती बनी हुई है। खासकर एनआईटी, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, बल्लभगढ़ के पुराने बाजार, ओल्ड फरीदाबाद और तिगांव रोड के आसपास कई ऐसे इलाके हैं जहां बड़े कूड़ा वाहन अंदर तक नहीं पहुंच पाते। इसके चलते अक्सर गलियों के कोनों, खाली प्लॉटों और पार्कों के आसपास कूड़ा जमा रहता है।
अब छोटी गलियों पर फोकस
अधिकारियों का कहना है कि बड़े वाहन मुख्य मार्गों तक ही सीमित रहते हैं जबकि वास्तविक समस्या उन गलियों और रिहायशी इलाकों में है जहां छोटी जगह और खराब पहुंच के कारण नियमित सफाई नहीं हो पाती। बैटरी रिक्शों के जरिये इन क्षेत्रों में जमा कचरे को उठाकर मुख्य कलेक्शन प्वाइंट तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदूषण कम करने की दिशा में भी कदम
फरीदाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा है। ऐसे में निगम अब सफाई व्यवस्था में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, बैटरी चालित रिक्शों के इस्तेमाल से ध्वनि व वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे वाहन
परियोजना के तहत खरीदे जाने वाले ई-रिक्शों में 1200 वॉट की एआरएआई प्रमाणित बीएलडीसी मोटर लगाई जाएगी। इनमें 48वी/120एएच क्षमता की लिथियम आयन बैटरी होगी जिसकी 1500 से अधिक चार्जिंग साइकल क्षमता बताई गई है। वाहनों में 1.2 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला हाइड्रोलिक टिपिंग डंप बॉक्स होगा, जिससे कचरा आसानी से खाली किया जा सकेगा। प्रत्येक वाहन में एआईएस-140 मानकों वाला जीपीएस सिस्टम और पैनिक बटन लगाया जाएगा। इससे निगम कंट्रोल रूम से वाहनों की लाइव ट्रैकिंग की जा सकेगी और यह देखा जा सकेगा कि कौन-सा वाहन किस वार्ड में कितनी देर तक काम कर रहा है।
तीन महीने में शुरू हो सकती है व्यवस्था
अगले तीन महीनों के भीतर 100 बैटरी रिक्शों को शहर में उतारने का लक्ष्य है। उम्मीद है कि इससे शहर के 46 वार्डों में लंबे समय से बनी कूड़ा जमा होने की समस्या में काफी हद तक राहत मिलेगी और लोगों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सकेगा। नगर निगम की तरफ से स्वच्छता के लिए कई परियोजना पर काम किया जा रहा है। यह कार्य निगम की स्वच्छ भारत मिशन की टीम की देखरेख में किया जा रहा है। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त