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Faridabad News: अब कूड़े की गाड़ियों की लाइव लोकेशन पर नजर रख सकेंगे शहरवासी

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हर घर पर लगेगा आरएफआईडी टैग, 46 वार्ड से रोजाना निकलते हैं 900 से 1000 टन कचरा
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नंबर गेम- 60 करोड़ रुपये हर महीने होंगे खर्च
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर में कचरा प्रबंधन की बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए अब नगर निगम तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। बढ़ती आबादी और रोजाना निकलने वाले भारी कचरे के बीच अब हर घर पर आरएफआईडी टैग लगाकर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गाड़ी हर घर तक पहुंची है या नहीं।
नगर निगम क्षेत्र में 46 वार्ड आते हैं और यहां से रोजाना करीब 900 से 1000 टन तक कचरा निकलता है। अब तक निगरानी के ठोस सिस्टम के अभाव में एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद जैसे इलाकों में कचरा समय पर न उठने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। नई डिजिटल व्यवस्था से इन समस्याओं पर लगाम लगाने की तैयारी है। अब तक वेंडरों की मदद से कूड़ा उठवाया जा रहा है। निगम जल्द पूरे शहर के लिए दो नई एजेंसी नियुक्त करने जा रहा है। इसके लिए हर माह करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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डिजिटल सिस्टम से हर घर की होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत हर घर के बाहर एक यूनिक आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा। जब कूड़ा उठाने वाली गाड़ी घर के सामने पहुंचेगी तो टैग को स्कैन किया जाएगा और इसकी सूचना तुरंत सर्वर पर दर्ज होगी। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस गली और किस घर से कचरा उठाया गया है और किस जगह लापरवाही हुई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिना कचरा उठाए बिल बनाने जैसी गड़बड़ियां भी खत्म होंगी। यदि किसी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस नई व्यवस्था का सीधा असर वेंडर्स के भुगतान पर भी पड़ेगा। अब भुगतान पूरी तरह आरएफआईडी डेटा के आधार पर होगा जिससे जितना काम होगा उतना ही भुगतान किया जाएगा।
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क्या है आरएफआईडी सिस्टम
इस सिस्टम के तहत शहर के हर घर को एक यूनिक पहचान दी जाएगी, जो आरएफआईडी टैग के रूप में घर के बाहर लगाई जाएगी। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में लगे स्कैनर इन टैग्स को पढ़ेंगे और जैसे ही स्कैनिंग होगी उसका डेटा तुरंत ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट हो जाएगा। इससे नगर निगम के पास हर दिन का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा और किसी भी समय किसी भी वार्ड की स्थिति की जांच की जा सकेगी। इसका सबसे अहम पहलू यह है कि आम नागरिक भी इसमें भागीदार बनेंगे। नगर निगम एक ऐसा ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है जहां लोग अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाली गाड़ियों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। इससे लोगों को यह पता चल सकेगा कि गाड़ी उनके इलाके में कब पहुंचेगी और यदि किसी दिन कचरा नहीं उठता है तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कर सकेंगे।

शहर को स्वच्छ बनाना नगर निगम का प्राथमिक लक्ष्य है। इसके लिए कई स्तरों पर तेजी से काम किया जा रहा है। -धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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