- ईपीएफओ ने नोटिस भेजकर पैसे जमा करने को कहा, नहीं तो डिफाल्टर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने समय पर पीएफ जमा नहीं करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से 1023 कंपनियों को पीएफ जमा नहीं करने पर नोटिस जारी किया है। 15 दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे 10 हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे।
औद्योगिक नगरी छोटी-बड़ी करीब 28 हजार कंपनियां हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत कंपनियों को हर महीने कर्मचारी के वेतन का 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफओ में जमा करना होता है। इतना ही पैसा कंपनी की तरफ से भी उसी खाते में जमा किया जाता है। ऑनलाइन सिस्टम होने के कारण विभाग अब लगातार कंपनियों पर नजर रख रही है। पिछले दिनों ईपीएफओ की जांच में सामने आया कि शहर में 1023 कंपनियों ने पीएफ की राशि कर्मचारी के वेतन से काट ली, लेकिन वह पीएफ खाते में नहीं डाली गई। कंपनी द्वारा पीएफ खाते में पैसा जमा करते ही कर्मचारी के फोन पर एसएमएस मिलता है, लेकिन पिछले करीब तीन माह से उन्हें अपने पीएफ खातों की जानकारी नहीं मिल रही है। इससे वह काफी परेशान हैं। पिछले दिनों ऐसे कई मामले भी सामने आए। जिसमें कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनका पीएफ कटा है लेकिन जमा नहीं किया गया है। इसे लेकर लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। इसलिए ईपीएफओ ने समय पर पीएफ का पैसा जमा नहीं करने वाली कंपनियों को डिफॉल्टर की सूची में डाला गया है।
वर्जन
पीएफ जमा न करने वाली करीब एक हजार कंपनियों की पहचान की गई है। उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। समय पर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्ण कुमार, सहायक आयुक्त भविष्य निधि