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मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की पर्ची स्टेरॉयड की बिक्री नहीं

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फरीदाबाद। रेमेडेसिविर इंजेक्शन के बाद ब्लैक फंगस बीमारी के इंजेक्शन की शहर में कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। उपायुक्त यशपाल ने जिला औषधि नियंत्रक और अन्य अधिकारियों को कालाबाजारी पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को बिना डॉक्टर की पर्ची के स्टेरॉयड दवा बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा ब्लैक फंगस बीमारी में इस्तेमाल होने वाले एंफोटेरिसेन-बी इंजेक्शन की कालाबाजारी करता पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले दिनों कोरोना संक्रमित लोगों के परिजनों को रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए भटकना पड़ रहा था। उसी तरह अब ब्लैक फंगस बीमारी में काम आने वाले इंजेक्शन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। प्राइवेट अस्पतालों के मुताबिक जिले में अब तक 10 ब्लैक फंगस के मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं दूसरी ओर ब्लैक फंगस के मरीज को लगने वाला इंजेक्शन बाजार में नहीं मिल रहा है। बीमार व्यक्ति के परिवार को इधर उधर कहीं भी किसी भी बड़े मेडिकल स्टोर पर ये इंजेक्शन नहीं मिल रहा। शहर में इस इंजेक्शन की कमी देखने को मिल रही है। डॉक्टरों के अनुसार ब्लैक फंगस का इंफेक्शन होने पर एंफोटेरिसेन-बी इंजेक्शन लगाया जाता है। इसकी बाजार में कमी देखने को मिल रही है।
ब्लैक फंगस बीमारी की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की पर्ची के स्टेरॉयड बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला औषधि नियंत्रण व अन्य अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। जो भी व्यक्ति जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करते पकड़ा जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कानूनी की जाएगी।
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- यशपाल, उपायुक्त फरीदाबाद
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