4.38 लाख मीट्रिक टन कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण पर खर्च होंगे 17.12 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के पास भांखरी गांव के रकबे में 600 टन प्रतिदिन क्षमता का आधुनिक प्री-प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस योजना को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाई पावर वर्क्स कमेटी की बैठक में मंजूरी दे दी है। हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) की जमीन पर बनने वाले इस प्लांट में कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा।
परियोजना के तहत करीब 4.38 लाख मीट्रिक टन नगर पालिका ठोस कचरे के प्रसंस्करण पर 17.12 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भांखरी में कचरा जमा करने के बजाय उसकी पूरी प्रोसेसिंग की जाएगी। प्लांट का उद्देश्य केवल कचरा एकत्र करना नहीं, बल्कि आधुनिक मशीनों की मदद से उसे छांटकर उपयोगी सामग्री को पुनर्चक्रण के लिए तैयार करना है। इससे कचरे के ढेर लगने की समस्या से निजात मिलेगी और आसपास के लोगों को परेशानी नहीं होगी। परियोजना के तहत प्लांट में तीन ट्रॉमेल मशीनें, एक श्रेडर और एक बेलिंग मशीन लगाई जाएंगी। ट्रॉमेल मशीनों से कचरे की छंटाई होगी, जबकि श्रेडर की मदद से कचरे को छोटे टुकड़ों में बदला जाएगा। बेलिंग मशीन के माध्यम से उपयोगी सामग्री को पुनर्चक्रण के लिए तैयार किया जाएगा। प्लांट के संचालन के लिए करीब 35 कर्मचारियों की तैनाती प्रस्तावित है।
दुर्गंध रोकने के लिए होगा बायो कल्चर स्प्रे
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्लांट से दुर्गंध फैलने और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंकाओं को दूर करने के लिए जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। दुर्गंध नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से बायो कल्चर स्प्रे किया जाएगा। इसके अलावा गंदे पानी के शोधन के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाया जाएगा। आग से बचाव के लिए अग्निशमन प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का होगा पालन
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्लांट का संचालन हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों एवं पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से फरीदाबाद में कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों की आशंकाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण हो और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य एवं सुविधाओं पर प्रतिकूल असर न पड़े।
कैबिनेट मंत्री से मिले गांव और सोसाइटियों के निवासी, डंपिंग यार्ड का विरोध
भांखरी गांव, सैनिक कॉलोनी, अचीवर्स सोसाइटी, अरावली विहार और आईपी एक्सटेंशन सहित आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने सोमवार दोपहर को सेक्टर-16 में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से उनके कार्यालय में मुलाकात की। पूर्व मेयर अतर सिंह भड़ाना ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि भांखरी गांव और बाकी सोसाइटियों के नजदीक नगर निगम द्वारा अरावली पहाड़ी में कूड़ा डाला जा रहा है। आबादी वाला क्षेत्र महज 500 मीटर की दूरी पर है। कूड़े की दुर्गंध से यहां रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो जाएगा। इस वजह से लोग यहां पर डंपिंग यार्ड बनाने का विरोध कर रहे हैं। जिस जगह पर बारिश का पानी एकत्र होता है, वहां पर यह कूड़ा डाला जा रहा है। इससे यहां बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ेगा। कैबिनेट मंत्री ने लोगों से कहा कि आप पहली बार मेरे पास आएं हैं। मंगलवार तक इस बारे में बताएंगे। नगर निगम अधिकारियों से बातचीत करेंगे।