फरीदाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे किसान नेताओं ने शनिवार को तीन घंटे के लिए चक्का जाम की घोषणा की थी, लेकिन शहर में इसका असर दिखाई नहीं दिया। बॉर्डर के इलाके में पुलिसकर्मी तो थे, लेकिन वह भी नाकों से दूर ही बैठे नजर आए। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रूप से चालू रही। बल्लभगढ़ बस अड्डे व मेट्रो स्टेशन के आसपास पुलिसकर्मी तैनात रहे। बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने कंटीली तारों के साथ बैरिकेडिंग कर रखी थी। यहां दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सीआईएसएफ के जवान भी थे। कोई हलचल न देखकर सभी जवान बस में ही बैठे रहे।
सराय टोल के पास एक निर्माणाधीन इमारत के पास दो बसों सहित करीब 50 पुलिसकर्मी मौजूद थे। इनके साथ सीआरपीएफ के जवान भी थे। सभी पुलिसकर्मी पार्क में ही बैठे नजर आए। इसके अलावा बड़खल चौक, एनएचपीसी चौक, ओल्ड फरीदाबाद के आसपास पुलिसकर्मी तीन या चार की संख्या में दिखाई दिए।
सभी थानों व चौकियों में पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया था। सभी जवानों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मोर्चा संभालना है। खुफिया विभाग ने पहले ही सभी कर्मचारी व किसान नेताओं की हरकत पर नजर रखी हुई थी। हालांकि किसान नेताओं ने शुक्रवार शाम ही यह साफ कर दिया था कि दिल्ली व उसके आसपास के इलाकों में चक्का जाम की कोई गतिविधि नहीं की जाएगी, लेकिन फिर भी ऐहतियात के तौर पर पुलिस अलर्ट रही।
दिनभर अपडेट लेती रही पुलिस
दिनभर पुलिस पलवल में चल रहे आंदोलन को लेकर वहां के अधिकारियों व सीआईडी से अपडेट लेती रही। वहीं नाकों पर खड़ी पुलिसकर्मी अपने जानकारों से पलवल में हो रहे आंदोलन को लेकर बराबर संपर्क बनाए हुए थे।
4 बजे ली पुलिस ने राहत
शाम करीब 4 बजे फरीदाबाद पुलिस ने राहत की सांस ली। जब पुलिस को पुष्टि हो गई कि पलवल में चल रहे आंदोलन का समापन हो गया है, इसके बाद पुलिस नाकों से धीरे-धीरे कम होनी शुरू हो गई।