- यूनेस्को-यूनिसेफ समेत अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम में देखा शिक्षा का आधुनिक मॉडल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा का ‘निपुण हरियाणा’ मिशन अब वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। दक्षिण-दक्षिण शिक्षण संगोष्ठी के तहत यूनेस्को, यूनिसेफ, विश्व बैंक और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित 8 देशों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों का दौरा कर डिजिटल शिक्षा मॉडल की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, सेक्टर-43 और सेक्टर-44 (कन्हई) का निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य निपुण हरियाणा मिशन के सफल मॉडल को समझना और वैश्विक स्तर पर अपनाने की संभावनाओं का आकलन करना था।
विदेशी विशेषज्ञों ने निपुण मेंटर, टीचर और पैरेंट्स ऐप के माध्यम से रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग को शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। साथ ही क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) मॉडल को जमीनी स्तर पर मजबूत शैक्षणिक प्रबंधन का उदाहरण माना। कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण, टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने प्रतिनिधिमंडल को खासा प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण सीखने को प्रोत्साहित करता है।
उपलब्धियों के तहत हरियाणा में 35,000 से अधिक प्राथमिक शिक्षक बुनियादी साक्षरता (एफएलएन) के लिए प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। 8,600 से अधिक स्कूल डिजिटल मॉनिटरिंग से जुड़े हैं और 8 लाख से अधिक छात्रों का डिजिटल आकलन किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में लर्निंग आउटकम में 22 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है। मिशन से जुड़े अधिकारी मनोज कुमार लाकड़ा ने कहा कि यह पहल बच्चों के बेहतर भविष्य का संकल्प है। प्रतिनिधिमंडल ने इस मॉडल को अपने देशों में अपनाने योग्य बताते हुए इसे वैश्विक शिक्षा के लिए प्रेरणादायक बताया।