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Faridabad News: फर्जी पासपोर्ट व वीजा मामले में नाइजीरिया मूल की महिला को नहीं मिली जमानत

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नाइजीरिया मूल की महिला दयालबाग इलाके में किराये पर रहती है
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- उससे मिले पासपोर्ट व वीजा की जांच कराई गई तो वे फर्जी मिले
5 सितंबर 2025 को सूरजकुंड थाना में दर्ज हुई थी एफआईआर


अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना इलाके के दयालबाग में फर्जी पासपोर्ट व वीजा पर रह रही नाइजीरिया मूल की महिला को अदालत से जमानत नहीं मिली। आरोपी महिला ओबियोर प्रेशियस न्गोजी के अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर कर दलील दी कि इसे केस में गलत फंसाया गया है। इसने भारत में रहने के लिए फर्जी दस्तावेज का प्रयोग नहीं किया। 5 सितंबर 2025 से ये कस्टडी में है और अब मामले में चालान भी पेश हो चुका है।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि महिला ने असल पासपोर्ट व वीजा एक्सपायर होने के बाद फर्जी पासपोर्ट व वीजा तैयार किए। महिला पर गंभीर आरोप हैं और इसे जमानत नहीं मिलनी चाहिये। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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सूरजकुंड थाना में ये एफआईआर 5 सितंबर 2025 को दर्ज हुई थी। सूरजकुंड थाना की पुलिस टीम को सूचना मिली कि दयालबाग एक्सटेंशन, सेक्टर-39 स्थित अग्रवाल अपार्टमेंट के एक फ्लैट में एक विदेशी महिला रह रही है। महिला का वीजा समाप्त हो चुका है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मकान नंबर-203 से एक विदेशी महिला नाइजीरिया मूल की ओबियोर प्रेशियस न्गोजी को हिरासत में लिया। महिला ने पुलिस को एक पासपोर्ट व वीजा दिखाया। पुलिस ने पासपोर्ट और वीजा का सत्यापन एफआरओ ब्रांच से कराया तो खुलासा हुआ कि महिला का पासपोर्ट और वीजा फर्जी है। न तो पासपोर्ट नंबर का कोई रिकॉर्ड राष्ट्रीय डेटाबेस में मिला और न ही उससे संबंधित वीजा का कोई विवरण मौजूद था।
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महिला से पूछताछ में उसने बताया कि असली पासपोर्ट नंबर वर्ष 2016 में ही समाप्त हो चुका था। वहीं उसका मेडिकल वीजा साल 2011 में ही एक्सपायर हो गया था। महिला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब महिला की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है।
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