फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में सोमवार को नगर निगम की बजट बैठक में खूब हंगामा हुआ। पार्षद असंतुष्ट दिखे। निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराज वार्ड नंबर-3 के पार्षद जयवीर खटाना ने बैठक का बायकोट कर इस्तीफे की धमकी दे डाली, उधर वार्ड नंबर-34 के पार्षद कुलवीर तेवतिया ने बजट प्रति (कॉपी) ही फाड़ दी। पार्षदों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की बैठक में कोई इज्जत ही नहीं। अधिकारियों के वेतन के लिए बजट पास किया जा रहा है।
लघु सचिवालय सभागार में नगर निगम की बजट बैठक करीब तीन घंटे चली। बैठक की अध्यक्षता महापौर सुमन बाला ने की। निगमायुक्त यशपाल यादव ने बैठक का संचालन किया। बैठक में वरिष्ठ उपमहापौर देवेंद्र चौधरी, उपमहापौर मनमोहन गर्ग सहित 40 पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत करते हुए निगम सचिव ने बताया कि वर्ष-2021-22 के लिए निगम ने कुल 2593 करोड़ का बजट तैयार किया है। इसमें निगम की अनुमानित आय और खर्चों की जानकारी दी। सचिव ने बजट में दिए गए पैसे कहां-कहां पर खर्च किए जाएंगे इसकी भी जानकारी दी। पार्षदों ने अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान एनआईटी से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने निगम के बजट में आय और व्यय पर नाराजगी जाहिर की। मुश्किलों से निगम का ढाई हजार करोड़ रुपये का बजट पास हुआ।
स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर हो रहा घोटाला
वार्ड नंबर-26 से पार्षद अजय बैंसला ने निगम आयुक्त और महापौर से कहा कि अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन में घोटाले कर रहे हैं। बिना काम ही भुगतान किया जा रहा है। स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ। इसकी जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इस पर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को लेकर स्टेट विजिलेंस को जांच सौंपी गई है। जो भी अधिकारी महापौर और पार्षद से बदतमीजी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
छह माह से मांग रहा हूं पानी की पाइप
वार्ड-34 के पार्षद कुलवीर तेवतिया ने बताया कि नगर निगम ने ढाई हजार करोड़ का बजट तैयार किया। ग्राउंड पर परिवर्तन के लिए कोई विकल्प इसमें नहीं है। छह माह से पेयजल लाइन दुरुस्त करवाने की मांग के बावजूद कुछ नहीं हुआ। यह कहते हुए कुलवीर ने बजट प्रति फाड़ दी।
बजट की तैयारी करके नहीं आए अधिकारी
वार्ड-3 के पार्षद जयवीर खटाना ने बजट ने विकास के मुद्दों को लेकर बजट में कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी बजट को लेकर तैयारी करके नहीं आए हैं। उन्होंने फाइनेंस कंट्रोलर विजय धमीजा से पूछा कि बजट में जमीन बेचकर बीते वर्ष कितनी कमाई की। प्लानिंग विभाग के वरिष्ठ आर्किटेक्ट डीएस ढिल्लो ने जवाब देते हुए बताया कि 28 जमीन की बोली लगाई गई। एक ही जमीन बिकी, बाकी में केवल एक-एक व्यक्ति ने ही बिड जमा की। इसलिए सरकार ने रोक दी।