इस दौरान संदिग्ध आतंकी के चेहरे, सिर व मुंह पर काला कपड़ा था और उसके हाथों में हथकड़ी थी। एक पुलिसकर्मी उसकी हथकड़ी पकड़े हुए था। निशानदेही की कार्रवाई करा लगभग दो घंटे बाद टीम यहां से चली गई।
आरोपी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले का रहने वाला है। इसने दिल्ली में बम धमाका करने वाले डॉ. उमर नबी की मदद की थी। जसीर भी अल फलाह यूनिवर्सिटी में पीडियाट्रिक्स में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत था। यूनिवर्सिटी व मेडिकल कॉलेज में रहने के दौरान ही उसकी दोस्ती डॉ. उमर से हुई और फिर दोनों आतंकी गतिविधियों में जुट गए। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि जसीर ने ही डॉ. उमर को टेक्निकल सपोर्ट आतंकी हमलों के लिए मुहैया कराया। दिल्ली धमाके से पहले जसीर ने मोडिफाई ड्रोन और रॉकेट बनाने का प्रयास भी किया।
लालकिला धमाका: सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत आठ तक बढ़ी
पटियाला हाउस कोर्ट ने लालकिला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिन बढ़ा दी है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को 8 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण कड़ी निगरानी में सुना गया।
अदालत ने जिन सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई है, उनमें डॉ. अदील राथर, डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली और सोयब शामिल हैं। इससे पहले अलग-अलग तारीखों पर इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जिसकी अवधि अब समाप्त हो गई थी। डॉक्टरों के एक समूह द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल पिछले साल से एक आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। इस साजिश का मुख्य योजनाकार उमर-उन-नबी बताया जा रहा है, जिसने विस्फोटक से भरी एक कार के जरिए 10 नवंबर को लाल किले के बाहर धमाका किया था।