2 घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर में अलग-अलग जगह पर हुई पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में फरीदाबाद से 30 अक्तूबर को गिरफ्तार हुए डॉ. मुजम्मिल को लेकर एनआईए की टीम बुधवार सुबह फिर से अल फलाह यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची। टीम आरोपी के साथ लगभग दो घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर में ही रही। इस दौरान डॉ. शाहीन और उमर के फ्लैट में डॉ. मुजम्मिल को ले जाया गया। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो यूनिवर्सिटी के स्टाफ के भी कई लोगों को डॉ. मुजम्मिल के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। इससे पहले 24 नवंबर को भी एनआईए टीम उसे लेकर फरीदाबाद आई थी।
एनआईए की टीम में 20 से अधिक सुरक्षाकर्मी हथियार के साथ डॉ. डॉ. मुजम्मिल को लेकर बुधवार सुबह लगभग साढ़े 10 अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। गेट से अंदर जाने के बाद टीम आरोपी को लेकर सबसे पहले डॉ. शाहीन के फ्लैट में पहुंची। यहां उसे कुछ देर बैठाकर पूछताछ की गई। इसके बाद टीम उसे लेकर डॉ. उमर के फ्लैट में पहुंची और यहां भी उससे टीम ने कई सवाल किए।
सूत्रों की मानें तो एनआईए टीम को शक है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी, धौज गांव और फतेहपुर तगा के कई लोग डॉ. डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में रहे हैं। इन लोगों ने किसी न किसी तरीके से संदिग्ध आतंकी डॉ. डॉ. मुजम्मिल की मदद की थी। आरोपी ने धौज गांव में किराये के अंदर करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट व अन्य सामान छुपाया था। इसके साथ ही फतेहपुर तगा में मकान किराये पर लेकर करीब 2550 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट 50 कट्टों में भरकर छुपाया था। विस्फोटक सामग्री को आरोपी ने पहले धौज गांव के खेतों में बने कमरे में भी लगभग 15 दिन तक छुपाया था। बाद में इसे यहां से शिफ्ट किया गया था।