फरीदाबाद बीके सिविल अस्पताल एंबुलेंस में चार चार मरीज चालक न होने पर अंदर ही चला ईलाज ।
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फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सामूहिक अवकाश के कारण सोमवार को बीके सिविल अस्पताल से रेफर किए गए मरीज परेशान रहे। स्टाफ की कमी के कारण कई मरीजों को दिल्ली रेफर करना पड़ा। उन मरीजों की संख्या इतनी रही कि एक-एक एंबुलेंस में पांच-पांच मरीजों और उनके तीमारदारों को एक साथ ले जाया गया। कुछ मरीजों को एंबुलेंस के अंदर ही आपातकालीन उपचार दिया गया।
एनएचएम कर्मियों के एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर के कारण जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई। सेवा व्यवस्था की कमी के कारण रेफर मरीज एंबुलेंस के लिए घंटों इंतजार भी करते रहे। दोपहर करीब 12 बजे दो माह के एक बच्चे को खून की कमी बताकर सिविल अस्पताल से रेफर कर दिया। नंगला एंक्लेव निवासी शिशु के पिता सोनू बच्चे को हाथ में लिए एंबुलेंस लेने के लिए निकले तो मां बच्चे को चढ़ाई गई ग्लूकोज की बोतल उठाए साथ चलती रही। करीब 20 मिनट इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं मिली तो परिजन निजी वाहन में बच्चे को लेकर अस्पताल से रवाना हो गए। इसी तरह कुछ अन्य मरीज भी एंबुलेंस की देरी के कारण परेशान रहे।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दिल की बीमारी से पीड़ित सागरपुर निवासी रामेश्वर एंबुलेंस के चलने का इंतजार करता रहा। परिजनों ने मरीज को एंबुलेंस में लिटाने के बाद काफी देर ड्राइवर का इंतजार किया इस दौरान कई अन्य रेफर मरीज भी एंबुलेंस में सवार हो गए। आखिरकार पांच रेफर मरीजों को एक साथ लेकर करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस रवाना हुई।
जिला एंबुलेंस सेवा प्रबंधक हरकेश डागर ने बताया कि एबुलेंस कर्मी एनएचएम के सामूहिक अवकाश में शामिल नहीं रहे। वह हैदराबाद में प्रशिक्षण पर हैं। उधर सेवा केंद्र प्रबंधन की कमान संभाल रहे राहुल अत्री ने बताया कि सोमवार को काफी मरीज रेफर किए गए थे। आलम यह था कि चार-पांच मरीजों को एक साथ ले जाना पड़ा।