संयुक्त समिति ने कनेक्शन काटने की दी थी सिफारिश, 17 दिसंबर को अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। धुआं उगलती अवैध फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की सिफारिश के बावजूद बिजली सप्लाई जारी रहने का मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है। सरूरपुर, कुरैशीपुर, मादलपुर, करनेरा, फतेहपुर तगा, नांगला, नेकपोर, गाजीपुर, खेड़ी गुजरान और भांकरी समेत कई इलाकों में चल रहीं अवैध औद्योगिक इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने की संयुक्त समिति की सिफारिश पर कार्रवाई नहीं होने पर एनजीटी ने डीएचबीवीएन से जवाब मांगा है।
मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। स्थानीय लोगों के लिए परेशानी यह है कि जिन इकाइयों को पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई के दायरे में रखा गया, उनमें से कुछ को अब भी बिजली मिल रही है। याचिकाकर्ता पर्यावरण कार्यकर्ता नरेंद्र सिरोही ने आरोप लगाया कि इन इलाकों में सैकड़ों इकाइयां बिना जरूरी अनुमति के चल रही हैं। कई जगह भट्ठियों में कोयला, प्लास्टिक और मेटल स्क्रैप जलाने से धुआं और प्रदूषण फैलने की शिकायत है। अप्रैल-मई 2025 में एनजीटी की संयुक्त समिति ने निरीक्षण किया था। समिति में सीपीसीबी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण मंत्रालय और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल थे। जांच में कुछ इकाइयों के पास वैध पर्यावरणीय अनुमति नहीं मिली और वायु व जल प्रदूषण से जुड़े उल्लंघन सामने आए। समिति ने अवैध इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने, नए औद्योगिक कनेक्शन नहीं देने और मौजूदा कनेक्शनों के उपयोग की निगरानी की सिफारिश की थी।