1300 में से केवल 750 शिक्षक ही प्रशिक्षण में उपस्थित रहे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में आगामी डिजिटल जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। शनिवार को निजी स्कूलों के करीब 1300 शिक्षकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण में केवल 750 शिक्षक ही उपस्थित रहे जबकि शेष शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
नगर निगम आयुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि देश के विकास की नींव है जिसमें हर नागरिक और कर्मचारी की भागीदारी जरूरी है।
फरीदाबाद में इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। 1 मई से मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया शुरू हो रही है जबकि 16 से अप्रैल 30 के बीच नागरिकों को स्वयं गणना का विकल्प भी दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी होगा। इसके लिए गणनाकर्ताओं को मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये सीधे जानकारी दर्ज करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
31 केंद्रों पर प्रशिक्षण, 5500 कर्मचारियों को किया जा रहा तैयार
जिले में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 6 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 31 प्रशिक्षण केंद्रों पर करीब 5500 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए 62 प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। प्रशिक्षण के दौरान हाउस लिस्टिंग, डिजिटल एप्लीकेशन, डेटा एंट्री और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि की गुंजाइश न रहे।
प्रशिक्षण में गैरहाजिरी पर सख्ती, जेल तक का प्रावधान
प्रशासन ने प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के मामले को गंभीरता से लिया है। निगम आयुक्त ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें न केवल विभागीय कार्रवाई, बल्कि सजा और जेल तक भेजने का प्रावधान भी शामिल है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जा सकें।
जनगणना को बताया राष्ट्रीय पर्व, लोगों से सहयोग की अपील
बैठक के दौरान धीरेंद्र खड़गटा ने जनगणना को ‘राष्ट्रीय पर्व’ बताते हुए कहा कि यह देश की विकास योजनाओं का आधार होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब गणनाकर्ता उनके घर आएं, तो उन्हें सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। जिला जनगणना समन्वय अधिकारी प्रशांत शर्मा ने भी विभिन्न विभागों और स्कूलों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया ताकि यह कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।