एम्स के विशेषज्ञों सहित कई वरिष्ठ पेशेवर हुए शामिल
डेटा विश्लेषण व कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर नर्सिंग स्टाफ ने प्राप्त किया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में आयोजित एक राष्ट्रीय नर्सिंग सम्मेलन में मरीजों की सुरक्षित देखभाल और साक्ष्य-आधारित उपचार को लेकर विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। देशभर से जुटे प्रतिनिधियों ने नर्सिंग स्टाफ की चुनौतियों, डिजिटल हेल्थ और रिसर्च की भूमिका पर विचार साझा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया।
मंगलवार को यह सम्मेलन अमृता विश्व विद्यापीठम के अमृता कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा अमृता हॉस्पिटल में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस एंड नर्सिंग रिसर्च समिट (एनसीएनआरएस-2026) के तहत हुआ। कार्यक्रम में 21 राज्यों से 750 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का उद्घाटन इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. टी. दिलीप कुमार ने किया और नर्सिंग रिसर्च को स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए अहम बताया।
उद्घाटन सत्र में एम्स बठिंडा और एम्स नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों सहित कई वरिष्ठ पेशेवर शामिल हुए। कार्यशालाओं में प्रतिभागियों ने गुणवत्ता सुधार, डेटा विश्लेषण, संगठित समीक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सम्मेलन के मुख्य सत्रों में मरीज सुरक्षा, नैतिक शोध, स्टाफ की कमी और डिजिटल नवाचार पर चर्चा हुई। कुल 87 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिससे ज्ञान-विनिमय और पेशेवर नेटवर्किंग को बढ़ावा मिला। आयोजकों के अनुसार, इस मंच ने नर्सिंग विज्ञान की नई प्रवृत्तियों को सामने लाते हुए बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए शोध-आधारित क्लिनिकल प्रैक्टिस की आवश्यकता को मजबूत किया।