8 वर्ष के बाद भी नहीं तैयार हो सका नाहर सिंह स्टेडियम संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के लिए जाना जाने वाला राजा नाहर सिंह स्टेडियम इन दिनों बदहाल है। फंड के अभाव में कोरोना काल के पहले से स्टेडियम खंडहर बना हुआ है। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने 2015 में करीब 123 करोड़ की लागत से स्टेडियम के जीर्णोद्धार का ऐलान किया था। इसे 2020 तक अत्याधुनिक तकनीकों के साथ बनकर तैयार होना था, लेकिन 8 वर्ष के बाद भी यानी अगस्त 2023 तक इस स्टेडियम का काम पूरा नहीं हो पाया है।
फंड के अभाव में अभी तक स्टेडियम का काम आधा भी नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को इस स्टेडियम के लिए अभी और इंतजार करना होगा। मालूम हो कि पहले इसका काम 2020 में पूरा होना था। कोरोना काल के बाद से इसके निर्माण पर ग्रहण लग गया है। फंड के अभाव में अभी सिर्फ 57 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। वहींए आश्वासन दिया गया है कि बचा हुआ काम पूरा किया जाएगा। इसे तैयार होने के बाद यहां अंतरराष्ट्रीय मैच के अलावा आईपीएल मैच का भी आयोजन शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में पहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच 19 जनवरी 1988 को भारत-वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था और अंतिम मैच वर्ष 2006 में 31 मार्च को भारत-इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इसके अलावा दर्जनों रणजी ट्राफी, देवधर, दलीप ट्रॉफी और अन्य तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों के सफल आयोजन हुए हैं, लेकिन बाद में स्टेडियम में मैचों का आयोजन राजनीति का शिकार होता चला गया। चूंकि मैच नहीं हुए, इसलिए स्टेडियम समय व मानकों के अनुरूप अपग्रेड भी नहीं हुआ। इसलिए यह पिछड़ता चला गया। इसके बाद विधायकों की टीम ने स्टेडियम का दौरा किया था, जिसके बाद इसका दोबारा से एस्टीमेट बनाया गया है। इसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता ओपी कर्दम ने बताया कि सरकार के पास एस्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा गया है।