फरीदाबाद। ब्लैक फंगस महामारी के जिले में 50 से अधिक मामले उपचाराधीन हैं। इसमें से 31 स्थानीय हैं, जबकि शेष दूसरे जिलों के हैं। वहीं ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में 20 मरीज उपचाराधीन हैं, इसमें से आठ मामलों की पुष्टि हो चुकी है। उधर, उपचार के लिए जरूरी दवाओं की किल्लत लगातार बनी हुई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को 200 डोज आवंटित हुई, लेकिन अभी तक यह खेप अस्पताल नहीं पहुंची है।
निजी अस्पताल प्रबंधन को भी प्रतिदिन एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के वितरण के लिए राज्य स्तरीय कमेटी के पास amphobharyana@gmail.com पर मरीज का पूरा ब्यौरा मेल भेजकर इंजेक्शन मंगाने पड़ रहे हैं। यह प्रक्रिया हर दिन दोहरानी पड़ रही है। ऐसे में निजी अस्पताल में भर्ती कई मरीजों के तीमारदार अपने स्तर पर इंजेक्शन व दवाएं सुनिश्चित लाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि सरकार व स्थानीय प्रशासन ने परेशान न होने की सलाह दी है। उधर, तीमारदारों का तर्क है कि लंबी प्रक्रिया से मिलने वाली दवा के कारण इलाज में देरी हो रही है। ऐसे में मरीज की जान को खतरा हो सकता है। यदि एक बार बीमार की सूचना भेज दी गई है, तो उसके इलाज के लिए जरूरी दवाओं का वितरण एक ही बार में किया जाना चाहिए।
ओपीडी जांच के लिए पहुंच रहे औसतन 20 मरीज
ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने के साथ ही मरीजों में जागरूकता दिखाई देने लगी है। मेडिकल कॉलेज व ईएसआईसी डिस्पेंसरी सहित निजी अस्पतालों में आंख-नाक गला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। औसतन एक अस्पताल में कोविड को मात देकर स्वस्थ होने वाले करीब 20 मरीज ओपीडी जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
कोविड मरीजों की संख्या घटी, इमरजेंसी में बेड खाली
ब्लैक फंगस को लेकर चिंता जरूर बड़ी है, लेकिन कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार कमी आ रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है, उधर स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या नए मरीजों के मुकाबले तीन गुना बनी हुई है। शुक्रवार को बीके सिविल अस्पताल में महज पांच बेड पर ही मरीज भर्ती दिखाई दिए। वहीं बृहस्पतिवार दोपहर तक केवल दो मरीज ही ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल इमरजेंसी में दोपहर तक भर्ती रहे।
वर्जन-
जिले में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अल-फला मेडिकल कॉलेज में सरकारी स्तर पर ब्लैक फंगस के इलाज की सुविधा मुहैया कराई गई है। अब तक अस्पताल में आठ मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। वहीं, 20 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। अन्य की रिपोर्ट लंबित है। अस्पताल में अभी इसके उपचार की जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं है, दो दिन में दवाएं पहुंचने की उम्मीद है। - डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज
जिला स्तर पर 38 स्थानीय मामले ब्लैक फंगस के लक्षण सहित मिले हैं। इनमें से 31 की पुष्टि हो चुकी है। सात मामलों की जांच रिपोर्ट लंबित है। उन्हें संदिग्ध माना गया है। - डॉ. रणदीप सिंह पुनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी