नगर निगम बदलेगा तालाबों की सूरत, भूजल स्तर में भी होगा सुधार
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। फरीदाबाद के शहरी व ग्रामीण इलाके में मौजूद तालाबों की स्थिति अब बदलने वाली है। वर्षों से खराब स्थिति में पड़े तालाबों की सूरत बदलने का जिम्मा अब निगम ने उठा लिया है। नगर निगम ने जिले के 24 से अधिक उपेक्षित तालाबों को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम ने इन तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह परियोजना शहर के लगातार गिरते भूजल स्तर को थामने में सहायक होने के साथ हर साल मानसून में होने वाले जलभराव को भी काफी हद तक नियंत्रित कर सकती है। आपको बताते चलें कि फरीदाबाद में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और कई क्षेत्र डार्क जोन में पहुंच चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक जल स्रोतों खासकर तालाबों की अनदेखी इसका प्रमुख कारण है। जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में कभी करीब 76 तालाब थे लेकिन अधिकतर पर अवैध कब्जे हो गए हैं इसके कारण तालाब का पानी गंदा होने के साथ उनके आस-पास गंदगी फैली हुई है।
प्रशासन ने 2019 में 22 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई थी लेकिन इसपर काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद पिछले साल 32 तालाबों का प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ पाया था। लेकिन अब नगर निगम ने 24 से अधिक तालाबों की सूरत बदलने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आकर्षक सार्वजनिक स्थल बनेंगे तालाब
नगर निगम की योजना केवल तालाबों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। इन्हें ग्रामीण और शहरी जनता के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत तालाबों को लोगों के लिए घूमने के स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
गांवों की तस्वीर बदलेगी
झाड़सेंतली, सरूरपुर, सराय , बाजड़ी और तिलपत जैसे गांवों में हर साल तालाबों के ओवरफ्लो होने से गलियां जलमग्न हो जाती हैं। अब इन इलाकों में सुधार की उम्मीद जगी है। इनके साथ अन्य गांवों में भी तालाब के कारण होने वाली परेशानियों को खत्म कर दिया जाएगा। अब लोगों को तालाबों से सुविधा मिलना शुरू हो जाएंगी।
प्रशासन की रहेगी सख्त निगरानी
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार परियोजना के हर चरण के लिए सख्त समय सीमा तय की गई है। गुणवत्ता पर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम का लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी तालाबों को पुनर्जीवित करना है।
मुख्य रूप से होने वाले कार्य
- गाद हटाने के साथ बढ़ाई जाएगी गहराई : निगम की तरफ से तालाबों की जलधारण क्षमता अधिकतम की जाएगी। ताकि उसमें अधिक जल समा सके।
- संरक्षण के साथ होगा सौंदर्यीकरण : निगम की तरफ से तालाबों के लिए सुरक्षा दीवार, बाउंड्री वॉल और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। ताकि तालाब साफ सुथरा व सुरक्षित रह सकें।
- लोगों के लिए होंगी जन सुविधाएं : निगम की तरफ से वॉकिंग ट्रैक, बेंच, लाइटिंग और हरियाली के साथ बेहतर वातावरण तैयार किया जाएगा। ताकि लोग इससे आकर्षित हो।
- लोगों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं : कुछ तालाबों के आसपास ओपन जिम, झूले और बच्चों के पार्क भी बनाए जाएंगे।
- जल शुद्धिकरण : तालाबों में गंदा पानी न पहुंचे, इसके लिए छोटे एसटीपी और वेटलैंड ग्रिल्स लगाए जाएंगे। इससे पानी साफ रहेगा और तालाब देखने में भी अच्छे लगेंगे।
निगम की तरफ से लोगों की सुविधा के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस परियोजना का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। -हरीश, कार्यकारी अभियंता नगर निगम