नंदीग्राम गोशाला संचालक रूपेश यादव ने बताया कि रविवार की रात करीब साढ़े आठ बजे तक सभी गोवंश ठीक थे। सुबह पांच बजे चारा डालने के लिए जब वह पीछे बने बाड़े में गए तो उन्होंने देखा कि गेट के पास चार गोवंश मरे पड़े थे। उसके बाद कर्मचारियों को अंदर जाकर देखने के लिए कहा तो वहां पर और भी गोवंश मृत मिले। इस घटना की सूचना पुलिस व डॉक्टर को दी गई। गांव सुनपेड़ स्थित पशु अस्पताल से डॉ. दीपक आर्य आए और उन्होंने गोवंशों की जांच की। डॉ. दीपक आर्य ने बताया कि करीब 20 गोवंशों की मौत हो चुकी है। वहीं, 10 से अधिक गोवंश गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार सोमवार देर शाम तक चलता रहा।
मुंह से निकल रहा था झाग
गोवंशों के मरने की सूचना मिलने पर गोरक्षक शिवा दहिया और हरिमोहन टीम के साथ पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि कुछ गायें तड़प रही थीं। उनके मुंह से झाग और खून आ रहा था और कुछ गोवंश मृत पड़े थे। उनका आरोप है कि इन गोवंशों को जहरीला पदार्थ देकर मारा गया है क्योंकि अगर कोई सांप गोवंश को काटता तो वह एक से दो को ही काटता न कि 20 गोवंशों को एक साथ काटता। इस वारदात की पुलिस की ओर से सही तरीके से जांच होनी चाहिए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
डॉ. दीपक आर्य ने बताया कि गोवंश किस वजह से मरे है, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा, लेकिन एक साथ इतनी संख्या में गोवंश का मरना बड़े ही चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण कुछ गोवंश को सर्दी हो गई थी। सर्दी की वजह से भी गोवंशों की मृत्यु हो सकती है। जांच अधिकारी सुरेश का कहना है कि मृत गोवंश को नहर के आसपास दफनाया जाएगा। सभी घायल गोवंश का उपचार कर उनको बचाने की कोशिश की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।