50 फीसदी नालों की ही सफाई, तीन विभाग की तरफ से सफाई के लिए निकाले गए 100 से अधिक टेंडर
जलभराव से बचाव व सफाई के काम में खर्च किए जाएंगे करीब 50 करोड़ रुपये
नालों की सफाई के साथ नए नाले बनाने व मरम्मत का किया जा रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में मानसून ने दस्तक दे दी है और हल्की बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की हकीकत उजागर करनी शुरू कर दी है। नगर निगम, एफएमडीए और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने दावा किया था कि जून खत्म होते-होते नालों और सीवर लाइनों की सफाई पूरी कर ली जाएगी, लेकिन अब तक औसतन 50 फीसदी काम ही निपटा है।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में करीब 650 किलोमीटर से ज्यादा नालों और सीवर लाइनों का नेटवर्क है। बीते कुछ सालों से लगातार शिकायतें आती रही हैं कि सफाई अभियान मानसून से ठीक पहले शुरू होता है और अक्सर समय रहते पूरा नहीं हो पाता। इस बार भी हाल कुछ अलग नहीं है। जानकारों के अनुसार लगभग 35% नालों में सफाई के बाद दोबारा कूड़ा और गाद बहकर जमा हो चुकी है।
100 से ज्यादा टेंडर निकाले
नगर निगम, एफएमडीए और एचएसवीपी मिलकर नालों की सफाई और कुछ नए नाले बनाने पर करीब 50 करोड़ रुपये का बजट खर्च कर रहे हैं। इसके लिए 100 से अधिक टेंडर निकालकर काम करवाया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अगले पंद्रह से बीस दिन दिनों में शत प्रतिशत सफाई का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लगातार बारिश हुई तो फिलहाल की तैयारियां नाकाफी साबित होंगी।
इन इलाकों में हो चुकी है सफाई
सफाई अभियान के तहत अब तक गंगाराम कॉलोनी, इंद्रा नगर एनआईटी, सरस्वती कॉलोनी सेहतपुर, सेक्टर-48, सुरेश विहार, बसंतपुर रोड, पंचशील कॉलोनी, सेक्टर-14, पल्ला इस्माइलपुर रोड, हरकेश कॉलोनी, सेक्टर-29, राजेंद्र कॉलोनी, रजिंदर सिंह मार्किट, तिलपत रोड, मैन मार्किट सेक्टर-37, संजय कॉलोनी, अशोका एन्क्लेव, नेहरू कॉलोनी सेक्टर-49, एनआईटी-3, विश्वकर्मा सेतु, नीलम बाटा रोड और नवादा गांव में प्राथमिकता से सफाई की गई है।
ड्रोन से सर्वे की तैयारी
अधिकारियों ने बताया कि जगह-जगह मोटर पंप और राहत टीमों को तैयार रखा गया है। कुछ स्थानों पर ड्रोन सर्वे से नालों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि बारिश से पहले सफाई अभियान को तेजी दी जाएगी। दूसरी ओर पार्षदों ने आरोप लगाया कि कुछ पुराने ठेकेदारों ने सिर्फ ऊपरी परत हटाकर सफाई का दिखावा कर रहे हैं।
अतिक्रमण के कारण भी होता है जलभराव
कई क्षेत्रों में नालों के किनारे अतिक्रमण भी बड़ी समस्या बन चुका है। नवादा गांव, डबुआ और मुजेसर में लोगों ने शिकायत की है कि अवैध निर्माण की वजह से नाले सिकुड़ते जा रहे हैं।
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जलभराव से निपटने के लिए काम किया जा रहा है। यह कार्य इन दिनों में लगातार चलता है। 150 दिनों तक लगातार जलभराव से निपटने का काम चलेगा। निगम क्षेत्र में आने वाले सभी नालों की एक बार सफाई की जा चुकी है।
- नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा
विभाग की तरफ से कई नालों की सफाई की जा चुकी है व कई नालों की सफाई का काम किया जा रहा है। आधे से ज्यादा काम पूरा कर लिया गया है।
- इश्तियाक खान, एसडीओ एफएमडीए