कोविड के दौरान गर्भवती और बच्चों के छूटे हुए टीके लगाए जाएंगे न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। कोरोना महामारी के दौरान काफी बच्चे और महिलाएं टीकाकरण से वंचित रह गए थे। इसके चलते 7 अगस्त से तीन माह तक छह-छह दिन के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान शून्य से पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण होगा। महामारी के दौरान गर्भवती महिलाओं के छुटे हुए टीके भी लगाए जाएंगे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रचना ने बताया कि टीकाकरण से छूट चुके बच्चों और गर्भवतियों की सूची बनाने के लिए आशा और एएनएम के जरिए डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है। सभी को प्रशिक्षण के साथ सर्वे के लिए फॉर्म दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिशन इंद्रधनुष अभियान तीन माह में छह-छह दिन चलाया जाएगा। इसका पहला चरण सात से 12 अगस्त तक, दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर तक व तीसरा और अंतिम चरण 16 से 21 अक्टूबर 2023 तक चलाया जाएगा। इसके अलावा इस अभियान के अंतर्गत टीकाकरण से वंचित 0 से पांच साल तक के बच्चों और गर्भवतियों का टीकाकरण का डाटा यूविन सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश के लाभार्थी गर्भवती व बच्चों को टीके देश में कहीं भी लगाए जा सकेंगे और उनकी एंट्री यूविन सॉफ्टवेयर में हो सकेगी।