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Faridabad News: अमेरिका के फिलाडेल्फिया से फरीदाबाद आकर मीशा भाटिया हर साल निभाती हैं कैकई का किरदार

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फरीदाबाद के कई लोग विदेश में अपने कार्य से देश का बजा रहे डंका, भारतीय कला-संस्कृति से विदेशियों को परिचित करा रहे हैं
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संदीप वर्मा
फरीदाबाद। अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य के सबसे बड़े शहर फिलाडेल्फिया से प्रत्येक वर्ष फरीदाबाद में होने वाली रामलीला में कैकई का किरदार मीशा भाटिया सिक्का निभाती हैं। फरीदाबाद में जन्मी मीशा अमेरिका के अलग-अलग शहरों में होने वाले कार्यक्रमों में भजनों और शास्त्रीय संगीत के जरिए भारतीय संस्कृति से परिचित भी कराती हैं। उनके अलावा फरीदाबाद से खिलाड़ी ऋषि राघव जोशी, अधिवक्ता मयंक भाटिया समेत बहुत से युवा अपने कार्यों से देश के नाम का डंका बजा रहे हैं।

फरीदाबाद में एनआईटी-1 नंबर निवासी मीशा ने संगीत में छह बार परास्नातक किया है। वह गायिका के साथ अभिनय भी करती हैं। वह क्लोजअप म्यूजिक अवार्ड्स में भी शिरकत कर चुकी हैं। उनकी शादी अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य के सबसे बड़े शहर फिलाडेल्फिया में साफ्टवेयर इंजीनियर मानिक सिक्का से हुई है। शादी के बाद वह अमेरिका चली गईं। अमेरिकी नागरिकता पाने के बाद वह अलग-अलग शहरों में होने वाले संगीत कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं। धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी अपने भजनों से भारतीय संस्कृति से अमेरिकियों को परिचित कराती हैं। मीशा की मां रेनू भाटिया प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष भी हैं। मीशा बताती हैं कि वह शुरू से ही रामलीला में किरदार निभाती रही हैं। शुरूआत में श्रद्धा रामलीला में वह सीता का किरदार निभाती थीं। शादी के बाद अब वह प्रत्येक वर्ष भारत आकर रामलीला में कैकई का किरदार निभाती हैं। कैकई के किरदार में जान फूंकने के लिए उन्हें मुंबई में मशहूर आरके स्टूडियो में अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है।
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कनाडा में ऋषि दिखा रहे क्रिकेट का जादू
फरीदाबाद के ऋषि राघव जोशी कनाडा टी-20 टीम के खिलाड़ी हैं। अभी हाल ही में वह इससे पहले वह कनाडा टीम से टी-20 वर्ल्ड कप भी खेल चुके हैं। फरीदाबाद से ही शिक्षण और क्रिकेट की प्रैक्टिस करने के बाद उन्होंने कनाडा की ओर रुख किया है। ऋषि आलराउंडर हैं लेकिन मुख्य रूप से गेंदबाज हैं। अभी हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली इंटरनेशनल लीग टी-20 क्रिकेट के लिए वह अभ्यास करने के लिए भारत आए हैं। वह यहां विजय यादव क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास भी कर रहे हैं। ऋषि ने कनाडा की नागरिकता ली है और दो बार विश्वकप टी-20 खेल चुके हैं। उन्होंने कनाडा में भारत के नाम का डंका बजा रखा है।
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सिडनी में हैं मयंक और आरजू भाटिया
फरीदाबाद के एनआईटी-2 निवासी मयंक भाटिया और उनकी पत्नी ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में हैं। मयंक पेशे से अधिवक्ता हैं। वहीं, उनकी पत्नी आरजू भाटिया भारतीय दूतावास में कार्यरत हैं। मयंक ने फरीदाबाद से ही बी-कॉम एलएलबी की है। अभी एक वर्ष पहले ही दोनों ही शादी हुई है। वह आगे चलकर ऑस्ट्रेलिया में अधिवक्ता बनकर प्रैक्टिस करना चाहते हैं। उनके पिता राधेश्याम भाटिया शहर में भाटिया एकता मंच के अध्यक्ष और गुरुद्वारा वजीरास्तान सोसाइटी-2 के भी अध्यक्ष हैं।
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अप्रवासियों की तकलीफ को बांटते हैं डॉ. अजय
फरीदाबाद के डॉ. अजय तिवारी भारतीय प्रवासी और अप्रवासी महासंघ के अध्यक्ष हैं। एक तरफ देश के करीब 20 राज्यों में उनके सोशल मीडिया पर लाखों प्रवासी कार्यकर्ता हैं। साथ ही कनाडा आदि देशों में भी बड़ी संख्या में रह रहे अप्रवासी उनके संघ से जुड़े हैं। वह समय-समय पर उनकी आवाज उठाते रहते हैं। अभी हाल ही में कनाडा में भारतीय अप्रवासियों पर हुए हमले को उन्होंने भारत सरकार तक उठाया था। इसके अलावा अन्य देशों में भी वह अप्रवासियों की समस्याओं को उठाते हैं।
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