फरीदाबाद। अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा को थाना सेंट्रल ले जाकर कथित तौर पर करीब डेढ़ घंटे तक रोके जाने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने आयोग में शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, कुणाल कांत शर्मा 5 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस उपायुक्त, सेंट्रल कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि करीब एक बजे के बाद उन्हें थाना सेंट्रल ले जाया गया, जहां उन्हें लगभग 1.5 घंटे तक रोके रखा गया। डॉ. तिवारी ने इस कार्रवाई के कानूनी आधार और अपनाई गई प्रक्रिया की जांच की मांग की है। उन्होंने आयोग से सीसीटीवी फुटेज, दैनिक डायरी/जीडी, आगंतुक पंजिका, संबंधित शिकायत, पुलिस रिकॉर्ड सहित अन्य दस्तावेज सुरक्षित कराने का आग्रह किया है। उन्होंने मामले को व्यक्तिगत विवाद के बजाय जनहित, नागरिक अधिकारों और पुलिस जवाबदेही से जुड़ा विषय बताया। ब्यूरो