लोगों ने कहा- उपचार के अभाव में यहां कई मरीजों की मौत हो जाती है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर नहीं करने की मांग को लेकर पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। रविवार को कुछ समाज सेवियों ने बीके चौक से नीलम चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान समाज सेवियों ने बैनर व पोस्टर लिए हुए थे। इसका नेतृत्व सेवा वाहन संचालक सतीश चोपड़ा और अनशनकारी बाबा रामकेवल ने किया। उनका कहना था कि छांयसा में भी श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कालेज में प्राथमिक उपचार शुरू किया गया है।
दुर्घटना में घायल मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर बनाया जाए। जबकि सिविल अस्पताल बीके को अपग्रेड किया जाए। जिससे जिले के मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। उपचार के अभाव में यहां कई मरीजों की मौत हो जाती है। मजबूरन गंभीर रोगियों को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। नहीं तो दिल्ली के एम्स, सफदरजंग व अन्य सरकारी अस्पतालों का चक्कर काटना पड़ता है। अनशनकारी बाबा का कहना है कि ट्रामा सेंटर के लिए वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल व राज्य मंत्री राजेश नागर से मांग कर चुके हैं।