Manoj Mangaria arrested by police in faridabad
फरीदाबाद। दो लाख रुपये का इनामी बदमाश मनोज मांगरिया बुधवार को ग्रेटर फरीदाबाद से ऊंचागांव क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। मनोज पर साथियों के साथ मिलकर 23 दिसंबर 2020 को श्रमिक विहार सेक्टर-31 में गांव अमीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मनोज भाटी की गोलियों से भूनकर हत्या का आरोप है। तभी से वह फरार था। पुलिस उसे बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। उधर, महकमे के ही कुछ सूत्रों का कहना है कि मनोज मांगरिया ने साठगांठ कर समर्पण किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को मनोज के ग्रेटर फरीदाबाद में होने की सूचना मिली तो ऊंचागांव क्राइम ब्रांच प्रभारी जगमिंदर ने टीम गठित कर उसे दबोच लिया। उधर, महकमे में अंदरखाने चर्चा चल रही है कि मांगरिया ने सरेंडर किया है। इसमें राजनीतिक दखलंदाजी भी है। पुलिस की चार्जशीट में भी एक राजनेता का नाम है। दूसरी ओर, पुलिस आयुक्त ने ट्वीट करके मांगरिया की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मनोज भाटी के परिजनों ने सेक्टर-31 थाने में शिकायत देकर बताया था कि 23 दिसंबर को वह अपने दोस्त के कार्यालय पर गए थे। यहां बदमाशों ने उनकी स्कॉर्पियो का पीछा किया। बदमाशों ने सेक्टर-31 श्रमिक विहार में उनकी गोलियोें से भूनकर हत्या कर दी थी। मनोज भाटी के बड़े भाई हेमराज ने बताया कि मनोज मांगरिया उनकी तीन एकड़ जमीन हड़पना चाहता था। मनोज भाटी इसका विरोध कर रहे थे। इसीलिए उनकी हत्या की गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में भाटी की हत्या में मनोज मांगरिया सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया है।
इनमें से अशोक, विकास, धर्मेंद्र, सोनू, आर्यन उर्फ बिट्टू और अजय को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। साल 2013 में गांव बदरौला निवासी शशि नागर की हत्या के मामले में मनोज मांगरिया उम्रकैद काट रहा था। कोरोना संक्रमण के चलते वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद वह मनोज भाटी की हत्या के मामले में फरार था। बताया गया है कि क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 और सेक्टर-17 ने मांगरिया के लगभग सभी साथियों को काबू कर लिया है।