मां को अस्पताल छोड़कर स्कूटी से वापस आ रहा था घर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-30 में रहने वाले प्रबंधक पर लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। इसमें उनके कंधे पर गंभीर चोट आई। डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने के बाद प्लेट डाली और 18 टांके लगाए गए। 4 दिनों तक अस्पताल में भर्ती होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
सेक्टर-30 के रहने वाले कैलाश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा तारणी कुमार शर्मा बंगलुरु की एक एमएनसी कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। वह कुछ दिन पहले रक्षाबंधन पर फरीदाबाद आया था। 18 अगस्त को वापस लौटने की टिकट थी। उन्होंने बताया कि पत्नी कैंसर से ग्रस्त है। उनका बेटा तारणी शर्मा (37) 13 अगस्त को मां को अस्पताल छोड़कर स्कूटी से घर वापस आ रहा था। जैसे ही घर के पास पहुंचा तो मोड़ पर ही लावारिस कुत्तों ने हमला कर दिया। हमले से बचने के चलते वह स्कूटी सहित सड़क पर गिर गया। इस हादसे में कंधे पर गंभीर चोट आई।
उन्होंने बताया कि कंधे का ऑपरेशन किया गया। इस दौरान कंधे में कुछ प्लेट डाली गई और 18 टांके लगाए गए। अस्पताल में 4 दिन रखने के बाद 17 अगस्त को घर भेज दिया गया। डॉक्टर ने उनको दो से तीन महीने तक आराम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि बेटे की अभी कुछ समय पहले ही नौकरी लगी थी। अब इस घटना के बाद नौकरी रहेगी यह नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
सेक्टर के लोगों का कहना है कि लावारिस कुत्तों व जानवरों को लेकर कई बार नगर निगम व प्रशासन को लिखित व मौखिक तौर पर अवगत करवाया जा चुका है। उसके बावजूद अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। नगर निगम के एमओएच नीतिश परवाल ने बताया कि लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने की तैयारी पहले से ही चल रही है। हर जोन में शेल्टर बनाए जाएंगे।