संवाद न्यूज, हथीन।
छांयसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में भारी जलभराव से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के दो गांवों में मलेरिया के तीन मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें गांव बाबुपर से दो और गांव रनसीका से एक मामला सामने आया है। वहीं, गांव रनसीका में बुखार के एक दर्जन से अधिक मरीज दर्ज किए गए हैं।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छांयसा के इंचार्ज मेडिकल अफसर डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि मलेरिया और बुखार के मरीजों की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर प्रभावित घरों में रक्त स्लाइड बना रही हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को ही लगभग 150 मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर स्लाइड तैयार की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता
डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि सभी प्रभावित गांवों में सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया गया है। जहां भी मरीजों में बुखार के लक्षण मिल रहे हैं, वहां तत्काल जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि लोग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर निःशुल्क इलाज करा सकते हैं।
फॉगिंग और रोकथाम की तैयारी
मेडिकल अफसर ने यह भी बताया कि मलेरिया और बुखार की रोकथाम के लिए गांवों में जल्द ही फॉगिंग कराई जाएगी। साथ ही, लोगों को साफ-सफाई रखने और पानी को इकट्ठा न होने देने की अपील की गई है।