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Faridabad News: सैकड़ों की भीड़ और संगीनों के साये में हुआ महेश का अंतिम संस्कार

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-पहुंचा-पुलिस प्रशासन, संवेदनशील मामला होने के कारण मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा
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-बिट्टू बजरंगी से मिलने के लिए लगा रहा लोगों का तांता, सोमवार रात ली थी महेश ने अंतिम सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नूंह दंगे के आरोपी व गोरक्षा बजरंग फोर्स के अध्यक्ष बिट्टू बजरंगी उर्फ राजकुमार पांचाल के छोटे भाई महेश पांचाल का मंगलवार दोपहर भड़ाना चौक स्थित श्मशान घाट पर संगीनों के साये में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। संवेदनशील मामले को लेकर भारी पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। कुछ नाराज समर्थकों ने बल्लभगढ़-सोहना-नंगला रोड पर जाम भी लगाया, जिसे पुलिस ने थोड़ी देर में ही खुलवा दिया।
दोपहर करीब सवा बाहर बजे महेश पांचाल का शव नंगला पार्ट दो स्थित बिट्टू बजरंगी के घर पहुंचा। अंतिम दर्शन और परिवार को सांत्वना देने आए लोगों ने हत्यारों के पकड़े जाने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। लोगों की मांग थी कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मृतक परिवार को मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बिट्टू बजरंगी को पुलिस द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाए। मामला बढ़ता देख एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, एसीपी एनआईटी विष्णु प्रसाद व कई थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि वह किसी मंंत्री, जिला उपायुक्त या पुलिस आयुक्त से कम रैंक के अधिकारी के अलावा किसी की नहीं सुनेंगे। करीब दो घंटे की गहमागहमी के बाद एसडीएम ने मृतक के परिजनों की जिला उपायुक्त से फोन पर बात कराई। बिट्टू को हथियार का लाइसेंस व पुलिस सुरक्षा की बात को तुरंत प्रभाव से मान लिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसीपी ने 48 घंटे का समय मांगा। 50 लाख के मुआवजे के लिए सरकार से बात करने के आश्वासन के बाद दोपहर सवा दो बजे महेश का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
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पुलिस की कार्यप्रणाली पर लोग उठाते रहे सवाल
बिट्टू के घर के सामने उमड़ी भीड़ पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करती रही। लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे। लोगों का कहना था कि एक महीना बीतने के बावजूद अभी तक पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है। नाम, पता होने के बाद भी पुलिस आरोपियों की पहचान करने से इंकार करती रही। करीब डेढ़ बजे करीब 100 लोगों ने सोहना- बल्लभगढ़ रोड को जाम कर दिया। इससे सोहना, बल्लभगढ़, नंगला, चाचा चौक, जवाहर कॉलोनी, डबुआ मंडी, गुरुग्राम आदि की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक लोग जाम से परेशान हुए।
अंतिम संस्कार के कारण आसपास के क्षेत्र की दुकानें हुईं बंद

सोमवार रात मौत की खबर आने के बाद से ही बिट्टू के घर के आसपास का माहौल गमगीन हो गया था। मंगलवार सुबह महेश के अंतिम संस्कार को लेकर चाचा चौक के पास लोग जुट गए। नंगला एन्क्लेव, संजय एन्क्लेव, चाचा चौक स्थित अधिकांश दुकानें बंद कर दी गईं। स्थानीय लोगों ने महेश की मौत पर दुख जताया। मामला संवेदनशील होने के कारण अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस भी सोमवार रात से ही सतर्क रही। मंगलवार सुबह थाना सारन के अलावा अन्य थानाें की पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, सीआईडी आदि की टीम क्षेत्र में सक्रिय हो गई। पुलिस दिनभर नाराज लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही। मौके पर आसपास की महिलाएं भी मौजूद रहीं।
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ये था पूरा मामला
13-14 दिसंबर की रात चाचा चौक के पास स्थित बाबा फल एवं सब्जी मंडी में बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल को कुछ शरारती तत्वों ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर जला दिया था। हमले के दौरान महेश ने नाले में कूदकर अपनी जान बचाई थी। इसके बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। इसके बाद उसे बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन परिजनों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर कुछ दिनों तक इलाज कराया। स्थिति गंभीर होने के बाद उसे दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाया गया। सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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