फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुझे देखो मैं हर दिन बचाव कर रहा हूं, तुम भी कर लोगे...

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के नाम से ही घबराने वाले लोग जब संक्रमित पाए जाते हैं, तो उनका हौसला जांच रिपोर्ट मिलने पर ही टूटने लगता है। वहीं, बीके सिविल अस्पताल की आईडीएसपी लैब में कोरोना जांच का जिम्मा उठाने वाले सुनील अत्री डेढ़ साल से न सिर्फ अपना बचाव कर रहे हैं, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित कर इस लड़ाई में जुटे हुए हैं। वह सिर्फ एक ही बात कहते हैं, मुझे देखों मैं हर दिन इस जंग का सामना कर रहा हूं, मैंने हर दिन बचाव कर खुद को सुरक्षित रख रहा हूं, तुम भी कर लोगे।
विज्ञापन

सुनील अत्री बताते हैं कि वर्ष 2011 में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिली। इस दौरान उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपने सेवाकाल में सदी की महामारी का सामना करना पड़ेगा। 2019 में दिसंबर में सिविल अस्पताल में सेवा देनी शुरू की। अगले तीन माह में ही कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी। इसके बाद ही सभी संदिग्धों की जांच के लिए उन्हें जिम्मा सौंप दिया गया। अन्य लोगों की तरह शुरू में उन्हें भी डर, नौकरी छोड़ने जैसे ख्याल मन में आए। हालांकि हर दिन खुद को प्रेरित किया, तो उन्हें मालूम हुआ कि सारा खेल दिमाग का है। आप जितने सकारात्मक रहेंगे मुश्किल से मुश्किल काम को हंसते हुए कर लेंगे। यही संदेश वह संक्रमितों, तीमारदारों और संक्रमण जांच में जुटे अपने सहयोगियों को देते हैं।
अच्छी डाइट बढ़ाती है प्रतिरोधक क्षमता
सुनील बताते हैं कि उनकी टीम का हर सदस्य सुबह दाल चीनी का काढ़ा पीता है। मौसमी फल खाते हैं। खाली पेट बिल्कुल नहीं रहते। हर वक्त दो गज की दूरी, फेस मास्क और हाथ धोने की आदत को मन में रखते हैं। उनका कहना है कि कोरोना हो या कोई बड़ी से बड़ी समस्या इसके लिए तन-मन स्वस्थ होने बेहद जरूरी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें