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Faridabad News: ईएसआईसी अस्पताल में जांच और ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार

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ईएसआईसी अस्पताल में जांच और ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार, मरीजों की बढ़ी परेशानी। कैप्शन: प्रतिक्ष
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जांच के लिए 3 से 6 महीने की वेटिंग, मरीजों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एमआरआई, सिटी स्कैन और ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मशीनों की कमी और लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण जांच की तारीख तीन से छह महीने बाद मिल रही है, जिससे इलाज में देरी हो रही है। अस्पताल से करीब साढ़े आठ लाख श्रमिक जुड़े हैं और यहां फरीदाबाद के अलावा दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, पलवल, सोनीपत और पानीपत समेत कई जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।



अस्पताल में फिलहाल एमआरआई और सिटी स्कैन की एक-एक मशीन ही उपलब्ध है, जबकि रोजाना करीब साढ़े चार हजार ओपीडी के कारण जांच सेवाओं पर भारी दबाव बना हुआ है। मौजूदा 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन से एक जांच में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है, जिससे सीमित मरीजों की ही जांच हो पाती है और लंबी वेटिंग लिस्ट बन रही है। श्रमिक नेता बेचू गिरी के अनुसार, नई मशीनों की खरीद से जुड़ी फाइलें पिछले तीन वर्षों से लंबित हैं, जिसके कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
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दवाइयों की कमी, ऑपरेशन के लिए भी इंतजार

जांच के साथ-साथ अस्पताल में दवाइयों की कमी और ऑपरेशन के लिए भी लंबा इंतजार मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है। कई मरीजों को आवश्यक दवाइयां पूरी नहीं मिल पा रहीं, जबकि सर्जरी के लिए भी हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय दिया जा रहा है। मरीजों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां खर्च काफी अधिक है।



अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही 3 टेस्ला की नई एमआरआई मशीन लगाने की योजना है, जिससे 10 से 20 मिनट में जांच संभव होगी और मरीजों को उसी दिन रिपोर्ट मिल सकेगी। इससे जांच क्षमता बढ़ेगी और वेटिंग लिस्ट कम होने की उम्मीद है।
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अस्पताल में सभी दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं, बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।-गीता देवी, मरीज
घुटने के ऑपरेशन के लिए मुझे दो महीने बाद की तारीख दी गई है, तब तक दर्द झेलना पड़ रहा है।-श्री नारायण गुप्ता, मरीज



अस्पताल में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई मशीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे मरीजों को जल्द राहत मिलेगी।-डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय, डीन
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