फरीदाबाद। पत्नी की हत्या के बाद शव का अंतिम संस्कार करने वाले दोषी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की अदालत ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही शव ठिकाने लगाने में दोषी की मदद करने के वाले व्यक्ति को भी चार साल जेल की सजा सुनाई है। दोषी ने अप्रैल 2018 को सराय थाना इलाके में वारदात को अंजाम दिया था।
मूलरूप से अलीगढ़ के गांव चंडौस निवासी जयप्रकाश की शादी बुलंदशहर के गांव याकूबपुर निवासी रामपाल की बेटी चेतना के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे भी हैं। जयप्रकाश परिवार के साथ यहां सूर्या विहार पार्ट-दो में रहने लगा था। पत्नी के साथ उसकी अनबन रहती थी ,जिससे छुटकारा पाने के लिए उसने 28 अप्रैल 2018 को अपनी पत्नी की सोते समय चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद शव ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने साथी बृजभूषण को बुला लिया। जयप्रकाश व उसके साथी ने एक टैक्सी बुक की और पत्नी के बीमार होने की बात कहकर शव को टैक्सी में डालकर ले गए। दोनों ने शव को ग्रेटर नोएडा सूरजपुर ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
जयप्रकाश ने टैक्सी चालक हेमसिंह को धमकी दी कि उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसे भी जान से मार देगा। हेमसिंह वहां से घर आया और मामले की सूचना सराय ख्वाजा थाना पुलिस को दे दी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों को काबू कर लिया। अदालत ने सोमवार को जयप्रकाश को उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माना और बृजभूषण को चार साल जेल व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।