अदालत ने दोषी पर एक लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सहमति संबंध में रहने के दौरान महिला की गला घोंटकर हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) पुरुषोत्तम कुमार ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी लीलू पर एक लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला तीन जुलाई 2020 का है, जब ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र में रहने वाली एक महिला को गंभीर हालत में बीके अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में सामने आया कि महिला के गले में दुपट्टा लिपटा हुआ था और गला घोंटने के स्पष्ट निशान थे। मृतका की मां के बयान पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ, लेकिन बाद में मृतका के भाई ने लीलू उर्फ मनोज पर हत्या का शक जताया। इसके बाद पुलिस ने आठ जुलाई 2020 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि लीलू और महिला सहमति संबंध में थे। महिला और लीलू के बीच शादी को लेकर विवाद चल रहा था । लीलू ने शादी के लिए मना कर दिया था और महिला शादी का दवाब बना रही थी, इसी के चलते हत्या की गई। घटना से पहले दोनों के बीच मोबाइल पर लंबी बातचीत हुई थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल की लोकेशन से यह भी साबित हुआ कि घटना के समय लीलू मौके के आसपास मौजूद था। पुलिस ने लीलू के घर से मृतका का मोबाइल और पायल भी बरामद की। वहीं, पड़ोसी राहुल के बयान ने भी केस को मजबूत किया, जिसमें उसने बताया कि लीलू अक्सर मृतका के घर आता था और घटना वाले दिन भी उसे वहां देखा गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सभी सबूत अदालत में पेश किए। अदालत ने पाया कि सबूतों की कड़ी पूरी तरह जुड़ती है और लीलू का अपराध सिद्ध होता है। इसी आधार पर कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया।