तत्कालीन सब रजिस्ट्रार/तहसीलदार और रिकॉर्ड कीपर पर मिलकर दस्तावेज में फर्जीवाड़ा करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव गाजीपुर में 13 साल पुराने जमीन छोड़ने के दस्तावेज में छेड़छाड़ कर जमीन का क्षेत्रफल बढ़ाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि परिवार के समझौते के तहत करीब आधा एकड़ जमीन का अधिकार छोड़ा गया था लेकिन दस्तावेज में कटिंग और अतिरिक्त टाइपिंग कर उसे लगभग एक एकड़ दिखा दिया गया।
गांव गाजीपुर निवासी 62 वर्षीय श्रीचंद की शिकायत पर सेंट्रल थाना पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मामला वर्ष 2013 में तैयार किए गए जमीन छोड़ने (हकत्याग) के दस्तावेज से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, छह भाइयों के बीच हुए पारिवारिक समझौते में प्रत्येक भाई के हिस्से में 4 कनाल 8 मरले (करीब आधा एकड़) जमीन तय हुई थी। इसी के अनुसार 11 जुलाई 2013 को वसीका नंबर-4232 के माध्यम से सुरेश के नाम हकत्याग, यानी अपनी जमीन का अधिकार छोड़ने का दस्तावेज तैयार किया गया था। बाद में जब सुरेश ने अधिक जमीन पर दावा किया तो दस्तावेज की प्रति निकलवाई गई। उसमें 4 कनाल 8 मरले की जगह 7 कनाल 12 मरले (करीब एक एकड़) जमीन दर्ज मिली।
श्रीचंद का आरोप है कि दस्तावेज में अतिरिक्त लाइन टाइप कर जोड़ी गई और कई स्थानों पर पेन से कटिंग कर जमीन का रकबा, यानी कुल क्षेत्रफल बढ़ा दिया गया। तहसील कार्यालय से प्राप्त सत्यापित प्रति में भी यही संशोधन दिखाई दिए। शिकायत में सुरेश, उसके बेटे सोनू उर्फ सन्नी, तत्कालीन सब रजिस्ट्रार/तहसीलदार और रिकॉर्ड कीपर पर मिलकर दस्तावेज में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2018 से उन्होंने पुलिस आयुक्त, मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल और अन्य अधिकारियों को शिकायतें दीं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत में इस्तगासा दायर किया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि अदालत के आदेश पर 31 जुलाई को सेंट्रल थाना ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।