मंगलवार की रात को लक्ष्मण और परशुराम संवाद का अभ्यास करवाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से मंगलवार की रात को सीता स्वयंवर के सीन में लक्ष्मण और परशुराम के क्रोधित संवादों का अभ्यास करवाया गया। जब धनुष टूटने के बाद क्रोध में परशुराम जनक दरबार में आते हैं, तो लक्ष्मण और परशुराम में संवादों का युद्ध सा छिड़ जाता है।
निर्देशक हरीश आजाद ने बताया कि परशुराम के किरदार में परवीन बत्तरा अपने गुस्से में संवादों को बोलने की कला का अभ्यास करते हैं और लक्ष्मण का अभिनय निभा रहे विद्वांश खरबंदा गुस्से से लाल होकर पर अपने संवादों का अभ्यास करते हैं।
राजा हरिश्चन्द्र के प्रसंग का अभ्यास किया: श्रद्धा रामलीला कमेटी की ओर से सेक्टर-14 स्थित कम्युनिटी सेंटर में रामलीला का अभ्यास जारी है। मंगलवार रात समिति ने सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र का प्रसंग अभ्यास में प्रस्तुत किया। इस प्रसंग में दिखाया गया कि कैसे राजा हरिश्चन्द्र ने सत्य की रक्षा के लिए अपना राज-पाठ, घर-बार, पत्नी और पुत्र तक का त्याग कर दिया। यहां तक कि उन्होंने स्वयं को भी बेच दिया, लेकिन किसी भी परिस्थिति में सत्य से विचलित नहीं हुए।
इस अभ्यास में राजा हरिश्चन्द्र की भूमिका अनिल चावला ने निभाई, जबकि उनकी पत्नी तारा का अभिनय योगंधा वशिष्ट ने किया। पुत्र रोहतास की भूमिका ऋषिव हंस ने सजीव रूप से प्रस्तुत की। महर्षि विश्वामित्र के रूप में राजेश खुराना, वशिष्ठ के रूप में नेत्रपाल शर्मा और मंत्री की भूमिका में जितेंद्र अरोड़ा ने अभिनय किया। भगवान इंद्र का किरदार राजकुमार ढींगरा ने निभाया। वहीं नक्षत्र का अभिनय भी नेत्रपाल शर्मा ने किया।
रामलीला कमेटी के निदेशक अनिल चावला ने बताया कि इस बार रामलीला में पौराणिक कथाओं को समाज में व्याप्त मूल्यों के साथ जोड़ा जा रहा है।