विद्यालय में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं
तरुण तायल
तिगांव। गांव ढेकोला स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। विद्यालय में सुबह करीब 10 बजे तक कक्षाओं पर ताले लगे रहते हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को ठंड के मौसम में बाहर खुले में इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। बच्चों को या तो घर से पानी लाना पड़ता है या फिर बिना पानी के ही समय बिताना पड़ता है। शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। साफ-सफाई न होने के कारण छात्र शौचालयों का उपयोग करने से कतराते हैं, जिससे विशेषकर छात्राओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपलब्धता नहीं रहती। कई बार समय पर शिक्षक नहीं पहुंचते, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। इसके अलावा पढ़ाई के लिए बने कमरों में गांव की लेबर रहती है। इससे न केवल पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है, बल्कि विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार शिक्षा सुधार की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। विद्यालय में पीने के पानी, शौचालय की व्यवस्था और कक्षाओं के समय को लेकर कोई कमी है तो इसकी जांच कराई जाएगी। स्कूल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। -धीरज, खंड शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद