फरीदाबाद। डीसीपी (अपराध) जयबीर सिंह ने कहा कि अधिकांश साइबर अपराध पैसे के लिए होते हैं। अन्य मामलों में डाटा चोरी करने और किसी अन्य व्यक्ति, उनके नेटवर्क या कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। वर्तमान समय में साइबर अपराध एक गंभीर समस्या है। सरकार ने जांच में तेजी लाने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि अभी भी लोगों में जागरूकता का अभाव है। यह बातें उन्होंने जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग व फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित वेबिनार में कही।
सत्र में लगभग 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सत्र में डीसीपी क्राइम ब्रांच जयबीर सिंह, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के लॉ एंड ऑर्डर पैनल के अध्यक्ष संजय गुलाटी, दिल्ली से डॉ. अश्विनी सिवाल और शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ से डॉ. सुषमा सिंह मुख्य वक्ता रहे। सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की। सूचना विज्ञान और कंप्यूटिंग संकाय के डीन डॉ. कोमल कुमार भाटिया ने कहा कि भारत और विश्व स्तर पर कई डिजिटल हमले के मामले ने इसके सुरक्षा उपायों को जरूरी बना दिया है। प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि साइबर अपराध, कानून और सुरक्षा मौजूदा समय में सबसे उभरते विषयों में से एक है। संजय गुलाटी ने कहा कि दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी इंटरनेट आबादी होने के नाते भारत एक डिजिटल गांव के रूप में उभर रहा है। अपराधों की प्रकृति ऑनलाइन धोखाधड़ी से लेकर लॉटरी घोटाले और यौन उत्पीड़न तक हैं। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. सुनील गर्ग, डॉ. रश्मि पोपली, जितेश मोदी आदि मौजूद रहे।