पिंगौड़ गांव में मकान निर्माण के दौरान ऊंचाई से गिर गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पिंगौड़ गांव में मकान निर्माण के दौरान ऊंचाई से गिरने और झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण मजदूर की मौत हो गई। सदर थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर मकान मालिक और झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान शौकत के रूप में हुई है, जो गांव के ही एक व्यक्ति के मकान के निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहा था। मृतक की पत्नी का आरोप है कि यदि समय पर उसके पति को किसी अच्छे अस्पताल में उपचार मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।शिकायत में बताया गया है कि मकान मालिक मोती ने शौकत को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के 10 से 11 फुट ऊंचाई पर काम करने के लिए मजबूर किया। जब शौकत ने विरोध किया तो मकान मालिक ने धमकाकर उसे काम पर लगा दिया। काम के दौरान शौकत संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल शौकत को मकान मालिक गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर राहुल के पास ले गया। डॉक्टर ने बिना लाइसेंस इलाज करते हुए उसके सिर में टांके लगाए और दर्द की दवा देकर घर भेज दिया। बाद में शौकत की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।