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Faridabad News: झाड़सेंतली स्टेडियम का होगा कायाकल्प, बनेगा सिंथेटिक ट्रैक

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स्टेडियम को अपडेट करने की योजना को नगर निगम ने किया मंजूर
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गांव झाड़सेंतली स्थित खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। इसके साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम ने स्टेडियम को अपडेट करने की योजना मंजूर कर दी है। इस प्रोजेक्ट में खेल और स्वास्थ्य दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

परियोजना के तहत स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बैडमिंटन और वॉलीबाॅल कोर्ट बनाए जाएंगे। इसके अलावा जॉगिंग और वॉकिंग के लिए मौजूदा सीमेंटेड फुटपाथ पर सिंथेटिक ट्रैक तैयार किया जाएगा। जिससे दौड़ने और टहलने वालों को बेहतर अनुभव मिल सके। नगर निगम ने इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना की एक खास बात यह है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले पांच वर्षों तक रखरखाव, सफाई और धुलाई की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्टेडियम की सुविधाएं लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनी रहें और सरकारी निवेश का सही उपयोग हो सके।
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खिलाड़ियों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर बेहतर प्लेटफॉर्म

झाड़सेंतली और आसपास के क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की कमी लंबे समय से है। बैडमिंटन जैसे इनडोर खेलों और वॉलीबॉल के लिए मानक कोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे इलाके में जाना पड़ता है। अब स्टेडियम के उन्नयन के बाद स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकेंगी जिससे उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी।

आम लोगों की सेहत पर भी फोकस

इस परियोजना में केवल खिलाड़ियों की जरूरतों को ही नहीं बल्कि आम नागरिकों की सेहत को भी प्राथमिकता दी गई है। स्टेडियम में तैयार होने वाला सिंथेटिक ट्रैक इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि दौड़ते या चलते समय पैरों और जोड़ों पर कम दबाव पड़े। इससे बुजुर्गों और नियमित वॉक करने वालों को भी सुविधा मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपनी दिनचर्या जारी रख सकेंगे।
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गुणवत्ता और पर्यावरण मानकों पर रहेगा जोर

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एजेंसी को साइट पर फील्ड लैब स्थापित करनी होगी और निर्माण सामग्री की नियमित जांच अधिकृत लैब से करानी होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम तेजी से काम कर रहा है। जल्द इस परियोजना को भी पूरा कर लिया जाएगा। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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