टॉप 200 में जिले से 4 छात्र, सक्षम बिश्नोई ने 168वीं और अर्नव घाटी ने हासिल की 187वीं रैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मई में आयोजित जेईई एडवांस्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इसमें जिले के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सेक्टर-19 स्थित डीपीएस के छात्र आरव गुप्ता ने 17वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनके अलावा डीपीएस के ही छात्र निष्कर्ष सिंह ने ऑल इंडिया 72वीं जबकि अर्नव घाटी ने 187वीं रैंक प्राप्त की है। साथ ही ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-87 स्थित मॉडर्न दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल के छात्र सक्षम बिश्नोई ने 168वीं रैंक हासिल कर विशेष पहचान बनाई।
इसके अलावा भी जिले के कई होनहारों ने जगह बनाई है। दिव्यांश नारंग ने 205वीं, अनय जैन ने 212वीं, मेधांश शेखर ने 419वीं, विदित मेहंदीरत्ता ने 704वीं और लक्ष्य शर्मा ने 743वीं रैंक प्राप्त की। विद्यालय के निदेशक डॉ. यूएस वर्मा ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, सेक्टर-17 स्थित एमवीएन स्कूल के छात्र अनंत पांड्या ने 346वीं रैंक प्राप्त की, जबकि तन्मय शर्मा ने 390वीं, अर्पित आदर्श ने 401वीं, संयम गोयल ने 820वीं, आदित्य सोपेरणा ने 948वीं और एक अन्य आदित्य ने 973वीं रैंक हासिल की। विद्यालय की प्रधानाचार्य आगल्या वेंकटेश ने छात्रों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे मेहनत और मार्गदर्शन का परिणाम बताया। प्रबंध निदेशक कांता शर्मा और अध्यक्ष वरुण शर्मा ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी।
कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करेंगे निष्कर्ष और सक्षम
निष्कर्ष सिंह अब दिल्ली आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करेंगे। उनके पिता मनीष कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और माता रेखी कुमारी मैकेनिकल इंजीनियर हैं, दोनों एनएचपीसी में कार्यरत हैं। पिता के अनुसार निष्कर्ष प्रतिदिन 8 से 10 घंटे नियमित पढ़ाई करते थे। वे विषय विशेषज्ञों से चर्चा कर और पुस्तकें पढ़कर तैयारी करते थे। निष्कर्ष ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुओं को दिया। उनकी छोटी बहन रूही सातवीं कक्षा में पढ़ती है। वे मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के निवासी हैं और ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित ओमेक्स हाइट्स सोसाइटी में रहते हैं।
वहीं, सेक्टर-75 के सक्षम विश्नोई ने भी आईआईटी कानपुर में कंप्यूटर साइंस में दाखिला सुनिश्चित किया है। वे रात 9 से 2 बजे तक नियमित पढ़ाई करते थे और परीक्षा के समय समय और बढ़ा देते थे। उनकी बड़ी बहन अक्षिता ने भी आईआईटी की तैयारी में उनका मार्गदर्शन किया। उनके पिता एस्कॉर्ट्स कंपनी में और माता नोएडा के प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं। सक्षम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल और निदेशक डॉ. यूएस वर्मा के मार्गदर्शन को भी दिया।