23 सितंबर को स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से निरीक्षण करने के लिए आ रही है टीम
हेमलता रावत
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में डेढ़ साल से बने इन विट्रो फर्टिलाइजेशन सेंटर (आईवीएफ) जल्द ही शुरू होने वाला है। 23 सितंबर को प्रदेश के स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से निरीक्षण करने के लिए टीम आ रही है। जिसके बाद महिलाओं को आईवीएफ के लिए दिल्ली रेफर नहीं किया जाएगा। यह दिल्ली एनसीआर में दूसरा अस्पताल होगा, जहां आईवीएफ सेंटर को शुरू किया जा रहा है।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉ. अनिल कुमार पांडे ने बताया कि आईवीएफ सेंटर को बने हुए करीब डेढ़ साल से ऊपर हो गया है। इस सेंटर में महिला व पुरुष दोनों का उपचार होगा। इसमें आधुनिक तकनीक के उपकरणों का प्रयोग कर उपचार किया जाएगा। इसमें लेजर तकनीक से महिलाओं का उपचार किया जाएगा। जिसके लिए मरीजों को बाहर लाखों रुपये देने होते हैं। वहीं बीमाकृत व्यक्तियों को यह सुविधा अस्पताल में फ्री में मिलेगी। डॉ. ए के पांडे ने बताया कि उनको कुछ दिन पहले एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें सेंटर का निरीक्षण करने के लिए 23 सितंबर को टीम आ रही है। टीम में चेयरपर्सन एडीसी के साथ सीएमओ वाइस चेयरपर्सन, पीएनडीटी के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी सचिव, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला रोग विशेषज्ञ तथा जिला न्यायवादी बतौर सदस्य शामिल रहेंगे।
दिल्ली एनसीआर में दूसरा सेंटर होगा
दिल्ली एनसीआर में ईएसआई कारपोरेशन का यह दूसरा सेंटर होगा। जहां आईवीएफ सेंटर होगा। पहला सेंटर बसई दारापुर पीजी इंस्टीट्यूट, दिल्ली में चल रहा है। मगर वहां आईवीएफ के ज्यादा केस आने पर महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। लगभग चार वर्ष पहले हिसार निवासी एक महिला को आईवीएफ के मामले में फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भेजा गया था। यहां से महिला को दिल्ली के एम्स में रेफर कर दिया गया था। यह सेंटर शुरू होने के बाद यह दूसरा अस्पताल होगा जहां आईवीएफ की सुविधा होगी।
टीम निरीक्षण को लेकर उनकी ओर से तैयारी की जा रही है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले एक महीने में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। जिसके बाद आईवीएफ के मरीजों को उपचार के लिए रेफर नहीं किया जाएगा।
-डॉ. नीलिमा चौधरी, विट्रो फर्टिलाइजेशन सेंटर