संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। डिपो में परिचालकों की कमी के कारण रात के समय लोकल रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से ड्यूटी से घर जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। आचार संहिता हटने के बाद डिपो में कौशल योजना के तहत 39 परिचालकों की भर्ती की जाएगी।
डिपो से हर रोज 190 बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन किया जाता है। डिपो के पास 228 चालक व 196 परिचालक हैं। इन परिचालकों में से 20 परिचालकों का तबादला दूसरे जिले में हो गया है। जिसकी वजह से पहले 20 बसें डिपो में खड़ी रहती थीं। वहीं अब यह संख्या बढ़कर 30 हो गई है। परिचालकों की संख्या कम होने की वजह से देर शाम को 7 बजे के बाद लोकल रूटों पर चलने वाली बसों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। जिसकी वजह से पलवल, होडल, सोहना, गुरुग्राम, अरुआ, कोराली आदि रूटों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। यात्रियों को बसों का संचालन बंद होने की वजह से निजी वाहनों जैसे ऑटो व कैब का सहारा लेकर अपने घर तक पहुंचना पड़ता है। सोहना निवासी रानी और मयंक ने बताया कि वह सेक्टर 6 स्थित निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी ड्यूटी शाम को साढ़े 6 बजे खत्म होती है। उसके बाद वह डिपो से सोहना की बस लेकर अपने घर पर जाते थे लेकिन पिछले कई दिनों से शाम को 7 बजे सोहना रूट पर जाने वाली रोडवेज बस का संचालन बंद कर दिया गया है जिसके चलते अब वह दो ऑटो बदलकर घर पहुंचते हैं। बस बंद होने की वजह से उनको ज्यादा किराया भी देना पड़ता है। ड्यूटी इंचार्ज राम खिलाड़ी का कहना है कि आचार संहिता हटने के बाद कौशल योजना के तहत परिचालक आ जाएंगे। जिसके बाद रूटों दोबारा से बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।