- अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हुई पुलिस की पाठशाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में डीसीपी बल्लभगढ़ राजेश दुग्गल ने छात्रों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पूरी सतर्कता बरतनी जरूरी है। कोई भी लिंक या मैसेज को क्लिक न करें। इस मौके पर एसीपी रमेश कुमार भी मौजूद रहे।
डीसीपी राजेश दुग्गल ने बताया कि साइबर ठग विभिन्न माध्यमों से बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड, एटीएम, सीवीवी, ओटीपी इत्यादि के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। परंतु बैंक अकाउंट संबंधित किसी भी प्रकार की कोई भी जानकारी साझा न करें। इसके अलावा अगर कोई फोन पर किसी प्रकार का कोई लिंक भेजता है तो उसे ओपन नहीं करना चाहिए क्योंकि लिंक के ओपन करने से साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई इस संबंध में संपर्क करता है और बैंक खाते की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता है तो सूचना पुलिस को दें। वहीं, सोशल मीडिया के बारे में भी जानकारी साझा की। इस दौरान छात्रों ने पुलिस से साइबर सुरक्षा पर कई प्रकार के प्रश्न पूछे, जिसका जवाब डीसीपी ने दिया।
यातायात नियमों के बारे में बताया
एसीपी रमेश कुमार ने छात्रों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बच्चे वाहनों को बहुत तेज गति में चलाते हैं और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करते, जिसकी वजह से सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसमें चालक को गंभीर चोट भी लगती है। कम उम्र में वाहन न चलाए। थाना सदर प्रभारी महेंद्र पाठक ने छात्रों को नशे से दूर करने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दोस्त बनाएं जो नशे में पड़ने की बजाय दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करें। इस अवसर पर एसीपी तिगांव रमेश कुमार, प्रभारी महेंद्र पाठक और एसएचओ सविता स्कूल प्रशासन की तरफ से फाउंडर डायरेक्टर बृज मोहन वत्स, प्रिंसिपल अशोक वत्स, वाइस प्रिंसिपल श्वेता, पीटीआई जसबीर व अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।
छात्राओं को सिखाया सेल्फ डिफेंस
इंस्पेक्टर सविता ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुण को सिखाया। इसके अलावा महिला विरुद्ध अपराध, बाल अपराध के बारे में बताया। पुलिसकर्मियों ने छात्रों को जागरूक करते हुए बताया कि सहपाठियों, परिजनों तथा दोस्तों को भी जागरूक करें ताकि वह भी किसी प्रकार के अपराध का शिकार होने से बच सकें। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों को पुलिस से संपर्क करने के लिए 112, साइबर अपराध के मामलों में 1930 तथा महिला अपराध के लिए 1091 के बारे जानकारी दी।