उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक को केंद्रीय गृह मंत्री ने किया संबोधित
- यहीं पर सबसे पहले श्रीमद् भगवद गीता को स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपने श्रीमुख से कहा था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सूरजकुंड की धरती से हमें प्रेरणा मिलती है। सूरजकुंड की ऊर्जावान भूमि न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक और कला की विरासत और आर्थिक चेतना का जीवंत प्रमाण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि यह बैठक ''एक भारत श्रेष्ठ भारत'' का उदाहरण बनेगी । कार्यक्रम की शुरुआत में दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री कहा कि क्षेत्रीय परिषदों की मूल भावना और भूमिका सलाहकारी है। सभी राज्य जल संसाधन प्रबंधन और पानी की समस्या दूर करने के लिए आपसी समन्वय से काम करें। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यहीं पर सबसे पहले श्रीमद्भगवद गीता को स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपने श्रीमुख से कहा था। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के महान बलिदान और दशम गुरु के सर्वस्व बलिदान ने देश को बड़ा संबल दिया और संघर्ष का रास्ता दिखाया। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच सतत सहयोग के माहौल का होना अति महत्वपूर्ण है। अपने संसाधनों को एकत्रित करके, अपने ज्ञान को सांझा करके और एक दूसरे की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाकर ही हम एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं।
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक ''एक भारत श्रेष्ठ भारत'' का बनेगी उदाहरण
नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस बैठक के एजेंडे की हर मद पर राज्य की विस्तृत टिप्पणियां परिषद को प्रस्तुत की गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस बैठक के विचार-मंथन से राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, अंतरराज्यीय व केंद्र राज्यों के बीच कई मुद्दों को सुलझाने में सहमति बनाने में सफल होंगे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के अनुपात में 2014 से 2025 तक क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग ढाई गुणा बढ़ोतरी हुई है और हमने इन बैठकों को सार्थक भी बनाया है। हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
नए कानून लागू करने से सकारात्मक नतीजे मिले
तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन का जिक्र करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इन नए कानूनों को लागू करने से काफी सकारात्मक नतीजे मिले हैं। नए कानूनों के तहत दोष-सिद्धि की दर में लगभग 25 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और दोषियों को समय पर सजा भी मिली है। गृह मंत्री ने सभी राज्य सरकारों से जांच और फॉरेंसिक एनालिसिस से लेकर न्यायालयों को ऑनलाइन जोड़ने तक तकनीक को अपग्रेड करने का अनुरोध किया।
बैठक में पहुंची गोहाना की जलेबी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिछले विधानसभा से चर्चा में आई गोहाना की जलेबी अब प्रशासनिक बैठकों में पहुंच गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में फरीदाबाद में 32वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को जलेबी और शाॅल के साथ स्वागत किया।