उद्योगपतियों और निर्यातकों के लिए नेटवर्किंग एवं क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आईएमटी फरीदाबाद स्थित विक्टुरा ऑटो में उद्योगपतियों और निर्यातकों के लिए एक नेटवर्किंग एवं क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फरीदाबाद की ओर से एमएसएमई निदेशालय हरियाणा के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों को निर्यात से संबंधित नई नीतियों, सरकारी योजनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों की जानकारी देना और उद्योगों को इनका लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का संयोजन आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद राणा ने किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और उद्योगों के बीच निरंतर संवाद से एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
महानिदेशालय विदेशी व्यापार के उप निदेशक हेमंत कुमार ने निर्यात से संबंधित नई नीतियों और प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब उद्योगों को आयात के समय तुरंत इंपोर्ट ड्यूटी जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। एक विशेष सर्टिफिकेट के आधार पर उद्योग लगभग छह वर्षों तक इंपोर्ट ड्यूटी जमा किए बिना कच्चा माल आयात कर सकते हैं, बशर्ते निर्धारित अवधि में उसके बदले निर्यात किया जाए। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उद्योगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी और इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उद्योगपतियों को आयात निर्यात कोड (आईईसी), डीजीएफटी पोर्टल की सुविधाओं तथा निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर जिला एमएसएमई केंद्र फरीदाबाद के उप निदेशक रामनदीप ने एमएसएमई और निर्यातकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन सहायता राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है, जिससे उद्योगों को निर्यात बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर आईआईएएफ की जनरल सेक्रेटरी रश्मि सिंह, एडिशनल जनरल सेक्रेटरी अजय अभरोल, जॉइंट सेक्रेटरी तेज चौधरी, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गोयल सहित आदि उद्योगपति उपस्थित रहे।